नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के 157 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह संख्या कुल उम्मीदवारों की 16 फीसदी है। इसमें वे भी हैं जिनके खिलाफ हत्या के मामले दर्ज हैं। चुनाव पर नजर रखने वाली दो संस्थाओं ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पांच उम्मीदवारों पर हत्या के मामले हैं, 30 हत्या के प्रयास के मामले में नामजद हैं। आठ पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मुकदमे हैं।
तमिलनाडु इलेक्शन वाच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) ने एक बयान में यह बात कही है।
पार्टी के हिसाब से ब्यौरा देते हुए इन संस्थाओं ने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 17 प्रत्याशियों में से 47 फीसदी और डीएमडीके के 98 प्रत्याशियों में से 42 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कांग्रेस के 37 उम्मीदवारों में 10 यानी 27 फीसदी, भारतीय जनता पार्टी के 176 में 26 यानी 15 फीसदी, अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी एआईडीएमके के 217 उम्मीदवारों में 47 यानी 22 फीसदी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी डीएमके के 170 प्रत्याशियों में 68 यानी 40 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मुकदमा चल रहा है।
राज्य में 16 मई को होने वाले चुनाव में तीन सर्वाधिक धनी उम्मीदवारों में कांग्रेस के एच. वसंत कुमार सबसे ऊपर हैं जिनकी कुल संपत्ति 337 करोड़ रुपये की है। द्रमुक के एम. के. मोहन दूसरे नंबर पर हैं और इनके पास 170 करोड़ रुपये की संपत्ति है। अन्नाद्रमुक की जे. जयललिता तीसरे नंबर पर हैं जिनके पास 113 करोड़ की संपत्ति है।
प्रमुख दलों के 997 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.35 करोड़ रुपये है। वी. कारुप्पन और एस. दंडपाणि भाजपा के दो ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके पास कोई संपत्ति नहीं है।
तीन सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवारों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ए. मोहन (6500 रुपये), भाजपा के पी. मुरुगेशन (40 हजार रुपये) और एमडीएमके के सी. वीरालक्ष्मी (41 हजार रुपये) शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, 454 प्रत्याशियों यानी 46 फीसदी ने अपनी शैक्षिक योग्यता पांचवीं कक्षा से 12वीं पास तक बताई है जबकि 49 फीसदी प्रत्याशी स्नातक एवं उससे अधिक हैं।
छह प्रत्याशी सिर्फ साक्षर हैं और छह साक्षर भी नहीं हैं।
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