थेनी, 12 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु के थेनी जिले में कुरंगनी पहाड़ियों के जंगल में लगी भीषण आग में नौ ट्रैकर्स की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने इस घटना की जांच का आदेश दिया है।
पर्यटक स्थल थेनी जिले में आग में फंसे करीब 27 ट्रैकर्स को बचा लिया गया है।
थेनी जिला कलेक्टर पल्लवी बलदेव ने संवाददाताओं को बताया कि 27 लोगों को बचाया गया जिनमें 10 लोगों को कोई चोट नहीं आई है। बाकी अन्य आग से झुलसे हैं।
राज्य के स्वास्थ्य सचिव जे.राधाकृष्णन ने बताया कि आठ लोग गंभीर रूप से जल गए हैं जिन्हें मदुरै अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अन्य को थेनी के सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के हेलीकॉप्टर पहाड़ियों से आठ लोगों के शवों को निकालकर लाए जबकि एक शव को सड़क के द्वारा लाया गया।
शवों को पहचान के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
संवाददाताओं से बात करते हुए पलानीस्वामी ने बताया कि वन विभाग की मंजूरी के बिना ट्रैंकिंग अभियान आयोजित किया गया था।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना की विस्तृत जांच की जाएगी।
आईएएफ हेलीकाप्टरों की सहायता से राहत अभियान रविवार से जारी है।
आईएएफ कमांडो रविवार देर रात कोयंबटूर के पास स्थित सुलुर हवाईअड्डे से उड़ान भरकर पहाड़ियों पर पहुंचे।
शनिवार रात थेनी जिला स्थित कुरंगनी की पहाड़ियों पर 25 महिलाओं, तीन बच्चों और आठ पुरुषों का समूह ट्रैकिंग के लिए पहुंचा था और वे इस भयावह घटना में फंस गए।
इस रोमांचकारी ट्रेकिंग का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किया गया था। इसका आयोजन चेन्नई ट्रेकिंग क्लब द्वारा किया गया था जिसके चालीस हजार सदस्य हैं। यह क्लब अब जांच के दायरे में है।
डीएमके नेता एम. के. स्टालिन ने घटना में जान गंवाने वाले ट्रैकर्स की मौत पर दुख जताया है।
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