चेन्नई, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने सोमवार को बाढ़ में घरवीहिन हुए लोगों के लिए 10,000 रुपये की राहत राशि, 10 किलोग्राम चावल, एक साड़ी और एक धोती दिए जाने की घोषणा की।
अपने स्थायी घरों में रह रहे, लेकिन बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों के लिए 5,000 रुपये नकद, 10 किलोग्राम चावल, एक साड़ी और एक धोती दिए जाने की घोषणा की गई है।
जयललिता ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि घरविहीन हुए लोगों के लिए 10,000 अस्थायी घर आवंटित किए जाएंगे, जबकि जिन लोगों की झोंपड़ियां बाढ़ में बह गईं उनके लिए नए मकान बनाए जाएंगे।
वक्तव्य के अनुसार, बाढ़ में जिनके पशु मरे हैं उन्हें मुआवजे के तौर पर 10,000 रुपये (गोजातीय पशु के मामले में), 3000 रुपये (बकरी और सुअर के मामले में) और मुर्गा/मुर्गी के मरने की दशा में 100 रुपये दिए जाएंगे।
किसानों को बाढ़ के कारण हुई हानि से बचाने के लिए जिन किसानों की धान की फसल को 33 फीसदी नुकसान पहुंचा है उन्हें 13,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से और जिन किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है उन्हें 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर से दो सप्ताह के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे जिसमें भूमि के मालिकाना हक की प्रतिलिपि, शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की प्रतिलिपि, एलपीजी कनेक्शन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड तथा बैंकों के पासबुक निशुल्क जारी किए जाएंगे।
जयललिता ने बताया कि 13,80,461 लोग चेन्नई, कुड्डालोर, तिरुवल्लूर और कांचिपुरम जिलों में लगाए गए 5,554 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राज्य में कुल 80,120 राहत एवं बचाव कर्मी लगे हुए हैं, जिनमें जल, थल और वायु सेना के जवान, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निशमन सेवा, तटरक्षक बल, पुलिस और अन्य राहत कर्मी शामिल हैं।
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