स्टेट काउंसिल ताइवान अफेयर्स ऑफिस (एससीटीएओ) के प्रवक्ता मा श्याओगाउंग ने एससीटीएओ के प्रमुख झांग झिजुन की बातों को अमेरिका के उपविदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के साथ 21 जनवरी को हुई एक बैठक के दौरान दोहराई।
झांग ने ब्लिंकेन से कहा कि द्वीप पर हालिया बदलाव के कारण जलडमरूमध्य पार शांति, स्थिरता तथा अनिश्चितता की चुनौतियों का सामना कर रहा है।
मा ने झांग के हवाले से कहा कि अमेरिका को वन चाइना पॉलिसी पर कायम रहना चाहिए और चीन-अमेरिका द्वारा जारी तीन संयुक्त विज्ञप्तियों का सिद्धांत देश की महत्वपूर्ण चिंताओं का आदर करता है और ताइवान मुद्दे से अच्छी तरह पेश आता है।
झांग ने ब्लिंकेन से यह भी कहा कि ताइवान नीति तर्कसंगत व सुस्पष्ट है और द्वीप पर हुए चुनाव से इसमें कोई बदलाव नहीं होने वाला।
उल्लेखनीय है कि डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के अध्यक्ष साई इंग-वेन को 16 जनवरी को द्वीप का नेता निर्वाचित किया गया।
झांग ने कहा कि सन् 1992 में हुई आम सहमति के बाद जलडमरूमध्य पार संबंधों में जो शांतिपूर्वक विकास हुआ है, उसे आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम सन् 1992 में हुई उस आम सहमति को बरकरार रखेंगे, जो ताइवान की किसी भी प्रकार से स्वतंत्रता का विरोध करता है और राष्ट्रीय संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा करता है।”
मा ने यह भी कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता की मांग करनेवालों को दुनिया में कहीं से भी समर्थन नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा, “अपने तथाकथित ‘इंटरनेशनल कोऑपरेशन स्पेस’ के विस्तार के लिए ताइवान का चीन से आर्थिक सहयोग यथार्थवादी नहीं है और इस तरह की सोच अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के खिलाफ है, जो वन चाइना नीति का समर्थन करते हैं।”
dharmpath.com dharmpath