नैरोबी, 27 नवंबर (आईएएनएस)। पोप फ्रांसिस ने ईसाई समाज के धर्मगुरुओं की एक सभा में कहा कि ईसा मसीह का अनुसरण करने के लिए पादरी बनें, न कि ताकत हासिल करने के लिए।
नैरोबी, 27 नवंबर (आईएएनएस)। पोप फ्रांसिस ने ईसाई समाज के धर्मगुरुओं की एक सभा में कहा कि ईसा मसीह का अनुसरण करने के लिए पादरी बनें, न कि ताकत हासिल करने के लिए।
पोप अफ्रीका के छह दिन के दौरे के पहले चरण में यहां पहुंचे हैं।
पोप ने बिना लिखे एक भाषण में गुरुवार को पादरियों, नन और धार्मिक शिक्षा लेने वालों की सभा में कहा, “हम जीसस का अनुसरण किसी दुनियावी लालच में नहीं करते। उदासीनता और आधे-अधूरे मन से मानना महा पाप हैं, जिन्हें भगवान नापंसद करता है।”
उन्होंने कहा कि पादरियों और ननों को मानवजाति की मदद में अपनी आत्मा लगा देनी चाहिए और लोगों की तकलीफों पर ‘कभी भी आंसू बहाना बंद नहीं करना चाहिए।’
उन्होंने कहा, “जब किसी पादरी या नन के आंसू सूख जाएं तो समझ लीजिए कि कुछ गड़बड़ है।”
इससे पहले नैरोबी में विश्वविद्यालय परिसर में भारी बारिश के बावजूद हजारों लोग पोप की धार्मिक सभा में शामिल हुए। पोप ने लोगों से पारंपरिक मूल्यों की रक्षा करने को कहा। उन्होंने कहा, “किसी भी समाज की सेहत उस समाज के परिवारों की सेहत पर निर्भर करती है।”
उन्होंने युवा केन्याइयों से कहा कि वे एक ऐसा समाज बनाएं जो अधिक न्यायप्रिय, समावेशी हो और मानव अस्मिता के प्रति अधिक आदर देता हो।
dharmpath.com dharmpath