श्रीनगर, 11 जुलाई (आईएएनएस)। हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान 22 लोगों की मौत के बाद कश्मीर घाटी के अधिकांश हिस्सों में सोमवार को भी कर्फ्यू जारी है। मृतकों में 21 प्रदर्शनकारी और एक पुलिस वाहन का चालक है। अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम और पुलवामा जिलों में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में इनकी मौत हो गई।
प्रशासन ने सालाना अमरनाथ तीर्थयात्रा को रद्द कर दिया है। कश्मीर घाटी में जारी तनाव के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक वहां फंस गए हैं।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि घाटी के कई हिस्सों में सोमवार सुबह हिंसा भड़क उठी, क्योंकि एक युवक ने कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए अर्धसैनिक बल के शिविर पर पथराव किया।
इस दौरान, हालांकि किसी के मरने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन श्रीनगर के तीन अस्पतालों के चिकित्सकों का कहना है कि वे सैकड़ों की संख्या में घायल नागरिकों व पुलिसकर्मियों का इलाज कर रहे हैं, जो शुक्रवार शाम से लेकर अब तक सड़कों पर हुई हिंसा के शिकार हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर है।
हिंसा में पहले ही 21 नागरिकों व पुलिस के एक ड्राइवर की जान जा चुकी है। सुरक्षाबलों के साथ अधिकांश झड़पें दक्षिण कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग, कुलगाम तथा पुलवामा जिलों में हुई हैं।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा, “हालात नियंत्रण में हैं। श्रीनगर व दक्षिण कश्मीर के हिस्सों में भीड़ द्वारा हिंसा की छिटपुट घटनाएं घटी हैं।”
श्रीनगर के कई हिस्सों में सैकड़ों लोग मस्जिदों में एकत्र हो गए और भारत विरोधी तथा कश्मीर की आजादी के समर्थन में नारे लगाए।
शब्बीर अहमद श्रीनगर से पहला शख्स है, जिसकी प्रदशर्नों के दौरान घायल होने के बाद रविवार शाम मौत हो गई।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि दक्षिण कश्मीर में शुक्रवार को गुस्साई भीड़ ने तीन पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया, लेकिन बाद में पुलिसकर्मी सकुशल लौट आए। हालांकि, उनके हथियार जब्त कर लिए गए।
उग्र भीड़ ने चार पुलिस थानों, 36 प्रशासनिक कार्यालयों और कई वाहनों को नष्ट कर दिया।
इन झड़पों में कुल 102 नागरिक और 100 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
प्रदेश की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अमरनाथ तीर्थयात्रा के हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ये श्रद्धालु घाटी के विभिन्न हिस्सों में फंसे हैं। अमरनाथ की पवित्र गुफा दक्षिण कश्मीर में स्थित है, जहां अधिकांश मौतें हुई हैं।
हिंसा पर उतारू एक भीड़ ने रविवार को पुलिस के एक बुलेटप्रूफ वाहन को झेलम नदी में फेंक दिया, जिससे उसके चालक की डूबकर मौत हो गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मी वहां से भाग निकले।
प्रशासन ने सैयद अली गिलानी और मीरवाइज उमर फारुख सहित सभी वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर रखा है। राज्य सरकार ने रविवार को उनसे स्थिति को सामान्य बनाने में सहयोग देने की अपील की।
जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के नेता यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे श्रीनगर के एक थाने में बंद कर दिया गया है।
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