‘तेजस’ वायुसेना में शामिल, मोदी ने जताई खुशी (राउंडअप)

बेंगलुरू/नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने यहां शुक्रवार को अपने दस्ते ‘फ्लाइंग डैगर्स 45’ में दो स्वेदशी हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ को शामिल कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेजस को वायुसेना में शामिल करने पर खुशी जताई और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) तथा एयरोनॉटिक्स डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) की सराहना भी की।

मोदी ने एक वक्तव्य में कहा, “वायुसेना में स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान तेजस को शामिल किया जाना हमारे लिए अत्यंत खुशी और गौरव की बात है।”

उन्होंने कहा, “तेजस को वायुसेना में शामिल किए जाने के लिए मैं एचएएल और एडीए की भी सराहना करता हूं। यह रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में हमारी कुशलता और क्षमता को दर्शाता है।”

दक्षिणी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन चीफ, एयर मार्शल जसबीर वालिया को यहां एक समारोह में सरकारी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के अध्यक्ष टी. सुवर्ण राजू ने स्वदेशी लड़ाकू विमानों से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज सौंपे।

भारतीय वायुसेना के परीक्षण पायलट और फ्लाइंग डैगर्स ग्रुप के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन माधव रंगाचारी ने बादल व तेज हवाओं के बीच वायुसेना के एयरक्राफ्ट सिस्टम टेस्टिंग एस्टैब्लिश्मन्ट से करीब 10 मिनट तक एक तेजस विमान को उड़ाया।

उल्लेखनीय है कि देश में ही बहुद्देशीय लड़ाकू विमान निर्मित करने की परियोजना को मंजूरी दिए जाने के 33 वर्षो बाद तेजस को विकसित किया जा सका है।

तेजस चार टन वजनी हथियार एवं हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और लैजर निर्देशित बम ढोने में समर्थ है। यह नवीनतम सैटलाइट-एडेड इनर्शल नैविगेशन प्रणाली से लैस है। इसमें एक डिजिटल कंप्यूटर आधारित घात प्रणाली एवं एक ऑटोपायलट भी है।

तेजस दुनिया में अपनी तरह का पहला लड़ाकू विमान है, जिसे सरकारी एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने डिजाइन एवं विकसित किया है, जबकि इसे तैयार एचएएल ने अपने बेंगलुरू परिसर में किया है।

रक्षामंत्री मनोहर पíरकर ने भी शुक्रवार को ‘तेजस’ के भारतीय वायुसेना (आईएएफ) में सफलतापूर्वक शामिल होने पर एचएएल और एडीए को बधाई दी।

पर्रिकर ने ट्विटर पर लिखा, “स्वदेशी तकनीक से विकसित तेजस लड़ाकू विमान के सफलातपूर्वक शामिल होने पर एचएएल एवं एडीए को बधाई।”

उन्होंने इस सफलता को ‘राष्ट्रीय गौरव’ बताया और उम्मीद जताई कि तेजस विमान निर्माण के क्षेत्र में भारत की क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

रक्षामंत्री ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “गौरव का पल। स्वदेशी तकनीक से विकसित लड़ाकू विमान वायुसेना में शामिल हुआ। तेजस हमारी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”

तेजस में इजरायल द्वारा विकसित बहुद्देशीय राडार ‘एल्टा 2032’ भी फिट किया गया है, जो हवा से हवा और हवा से सतह पर मार करने में मददगार साबित होगा। चौथी पीढ़ी से आगे का बेहद अत्याधुनिक इस लड़ाकू विमान की तुलना फ्रांस निर्मित मिराज-2000 से की जा सकती है और वायुसेना इसे आईएएफ के मिग दस्ते के विमानों की जगह दे सकता है। तेजस को चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमान से भी अधिक मारक माना जा रहा है।

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