हैदराबाद-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी साई भागीरथ को शनिवार (16 मई) शाम हैदराबाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
यह मामला अब एक हाई-प्रोफाइल केस बन गया है, क्योंकि भागीरथ के खिलाफ ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम‘ (पॉक्सो) के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं.
मालूम हो कि इससे पहले शुक्रवार (15 मई) को तेलंगाना हाईकोर्ट ने भागीरथ को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था.
केंद्रीय मंत्री कुमार ने इसके तुरंत बाद एक बयान जारी कर दावा किया कि उनके बेटे ने पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में ‘आत्मसमर्पण’ कर दिया है, जहां यह मामला दर्ज किया गया था.
अपने बयान की शुरुआत ‘सत्यमेव जयते’ शब्दों से करते हुए उन्होंने कहा, ‘कानून के प्रति सम्मान दिखाते हुए और मामले में और देरी से बचने के लिए मैंने अपने बेटे को जांच का सामना करने के लिए भेजा है. मैंने ऐसा तब किया, जब इस बात की पूरी संभावना थी कि अदालत सोमवार (18 मई) को (भागीरथ की) ज़मानत अर्जी पर अपना फ़ैसला सुना देगी.’
हालांकि, मंत्री के दावे के उलट साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर एम. रमेश रेड्डी ने पत्रकारों को बताया कि भागीरथ को नारसिंगी स्थित स्टेट पुलिस अकादमी के पास से गिरफ़्तार किया गया था. इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के आवास पर ले जाते समय पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन ले जाया गया.
उधर, केंद्रीय मंत्री कुमार ने अपने बयान में आगे कहा कि उन्होंने अपना वादा निभाया और अपने बेटे के साथ भी कानून के सामने किसी भी आम इंसान जैसा ही बर्ताव किया.
कुमार ने कहा, ‘हम सभी को कानून का पालन करना होता है. मेरा बेटा बार-बार मुझसे कह रहा है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है. असल में, जैसे ही उसके खिलाफ शिकायत मिली थी, मैं उसे तुरंत पुलिस थाने में सरेंडर करवाना चाहता था. हमने वकीलों से सलाह ली और उनके सामने सारे सबूत पेश किए. उन सबूतों को देखने के बाद वकीलों ने मुझसे कहा कि यह मामला कानूनी जांच में टिक नहीं पाएगा और मेरे बेटे को ज़मानत मिल जाएगी. इसी वजह से इसमें थोड़ी देरी हुई.’
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