तेलंगाना : मल्लान्ना परियोजना प्रभावितों को मिलेगा मुआवजा

हैदराबाद, 25 जून (आईएएनएस)। किसानों और विपक्षी दलों के विरोध के आगे झुकते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री कल्बकुंतल चंद्रशेखर राव ने मल्लान्ना सागर सिंचाई परियोजना से प्रभावित हो रहे किसानों को क्षतिपूर्ति देने का वादा किया।

मुख्यमंत्री राव ने शनिवार को घोषणा कि किसानों को उनकी मांगों के अनुरूप क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

परियोजना से प्रभावित होने वाले मेडक जिले के 14 गांवों के किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग को लेकर तेलुगू देशम पार्टी (तदेपा) के नेता रेवांत रेड्डी ने अनशन शुरू कर दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की।

गोदावरी नदी के उस पार जलाशय के निर्माण के साथ 14 गांव पानी में डूब जाएंगे।

केसीआर के नाम से चर्चित मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी विस्थापित किसानों के साथ न्याय करेगी। किसानों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 या सरकारी आदेश 123 के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

किसानों के बढ़ते विरोध और विपक्षी पार्टियों की ओर से उन्हें मिल रहे समर्थन के मद्देनजर इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सिंचाई मंत्री हरीश राव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।

सिंचाई मंत्री ने कहा कि सरकारी आदेश 123 के अनुसार बोरवेल के साथ एक एकड़ भूमि खोने वाले किसान को 7 लाख और बिना बोरवेल के एक जमीन खोने पर 5.8 लाख रुपये मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। विस्थापित परिवार को गरीबों के लिए सरकारी आवास योजना के तहत एक दो कमरे वाला घर दिया जाएगा।

भूमि अधिग्रहण कानून के तहत भूमि खोने वाले एक किसान को पंजीयन मूल्य से तीन गुना अधिक मुआवजा मिलेगा। हालांकि इस कानून के तहत मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया काफी लंबी है।

सिंचाई मंत्री ने कहा कि अगर किसान मुआवजा के लिए भूमि अधिग्रहण कानून को चुनेंगे तो घाटे में रहेंगे, क्योंकि परियोजना में जलमग्न होने वाले गांव की जमीन की कीमत केवल 60000 रुपये प्रति एकड़ है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लाखों लागों को लाभ पहुंचाने वाली इस परियोजना के लिए सरकार को भूमि अधिग्रहण करने का अधिकार है।

उधर, किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग करते हुए विपक्षी दलों ने दावा किया कि इन गांवों में एक एकड़ भूमि की वास्तविक कीमत 15 लाख रुपये हैं।

सरकार ने किसानों से अपील की कि वे विपक्षी दलों से भ्रमित न हों और कांग्रेस, भाजपा, तदेपा और तेलंगाना संयुक्त कार्रवाई समिति के नेताओं को गांवों में घुसने की इजाजत नहीं दें। परियोजना के समर्थन में सत्ताधारी दल तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस)ने रैली भी निकाली।

मल्लन्ना सागर परियोजना से निजामाबाद, मेडक, रंगारेड्डी और नलगोंडा जिले के 12 लाख एकड़ भूमि सिंचित होंगी। यह टीआरएस द्वारा नियोजित बड़ी परियोजनाओं में एक है जिस पर 9800 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

किसान भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार मुआवजा देने की मांग पर जोर दे रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार मूल्य को लेकर राजी होगी या नहीं।

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