त्रिपुरा, पंजाब, तेलंगाना में शांतिपूर्ण संपन्न हुए उप-चुनाव (राउंडअप)

अगरतला/चंडीगढ़/हैदराबाद, 13 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा, पंजाब और तेलंगाना में शनिवार को तीन सीटों पर उप-चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके संपन्न हुआ। तीनों राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

त्रिपुरा के अमरपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में 88 फीसदी मतदान हुआ।

एक अधिकारी ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ और शाम पांच बजे संपन्न हुआ। मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।

उधर तेलंगाना के मेडक जिले की नारायणखेड विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में अधिकारियों ने 70 फीसदी से अधिक मत पड़ने की जानकारी दी है।

मेडक के जिलाधिकारी रोनाल्ड रॉस ने कहा, “शाम पांच बजे मतदान संपन्न हुआ, लेकिन जो मतदाता लाइन में लगे हुए थे उन्हें उसके बाद भी मतदान की इजाजत दी गई।”

मतदान के लिए सुरक्षा बंदोबस्त बेहद कड़े किए गए थे और किसी तरह की अप्रिय घटना की खबरें नहीं आईं।

नारायणखेड़ में सत्तासीन कांग्रेस के विधायक पी. किश्ता रेड्डी की पिछले वर्ष अगस्त में हुई निधन के बाद उप-चुनाव कराना पड़ा।

उप-चुनाव में कुल आठ प्रत्याशी मैदान में खड़े थे, लेकिन मुख्या मुकाबला किश्ता रेड्डी के बेटे पी. संजीव रेड्डी कांग्रेस से और तेलुगू देशम पार्टी के एम. विजयपाल रेड्डी और तेलंगाना राष्ट्र समिति के एम. भुपाल रेड्डी के बीच माना जा रहा है।

उधर उत्तर-पश्चिम पंजाब की खडूर साहिब विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शाम पांच बजे 55 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। मतदान का समय समाप्त होने के बाद भी अनेक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें लगी रहीं।

खदूर साहिब सीट पर 1.87 लाख मतदाता थे और मतदान शांतिपूर्ण रहा।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) ने मतदान का बहिष्कार किया, जिससे सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल के लिए यह चुनाव एकतरफा हो गया है।

अकाली दल उम्मीदवार रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के सामने छह अन्य उम्मीदवार खड़े हैं, जिनमें पांच निर्दलीय हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में 1.87 लाख से अधिक मतदाता हैं।

यह सीट कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की द्वारा इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। पंजाब में सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ, गुरुग्रंथ साहिब को लेकर हुए विवाद की वजह से रमनजीत ने अक्टूबर 2015 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्य सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने में असफल रही थी।

इस उपचुनाव में जीतने वाला उम्मीदवार केवल एक साल के लिए ही इस पद पर रह सकेगा, क्योंकि पंजाब में विधानसभा की 117 सीटों के लिए फरवरी 2017 में चुनाव होने हैं।

उधर त्रिपुरा में मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।

अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष मोदक ने आईएएनएस को बताया, “किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं आई और मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शाम पांच बजे मतदान संपन्न होने तक 88 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।”

मतदान के लिए कुल 51 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव मैदान में सात उम्मीदवार हैं, जिनमें मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार परिमल देबनाथ, कांग्रेस के चंचल डे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रंजीत दास के बीच है। स्थानीय पार्टियों से चार अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

अमरपुर विधानसभा सीट के लिए चुनाव कराने की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि माकपा विधायक मनोरंजन आचर्जी ने एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ में कथित संलिप्तता के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने हालांकि इस आरोप से इंकार किया है।

तीनों सीटों पर हुए उप-चुनाव के लिए मतगणना 16 फरवरी को होगी।

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