अगरतला, 20 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के वित्त मंत्री भानूलाल साहा ने सोमवार को वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 159.56 अरब रुपये का बजट पेश किया, जिसमें 1.98 अरब रुपये का घाटे का अनुमान है।
पिछले कई सालों की तरह इस बार भी बजट में न तो नए कर लगाए गए हैं और न ही किसी कर में बढ़ोतरी की गई है। विधानसभा में करीब महीने भर चलने वाले बजट सत्र के दूसरे दिन यह बजट पेश किया गया।
साहा ने मुख्य सचिव (वित्त) एम. नागाराजू के साथ संवाददाताओं को बताया, “बजट में कुल 198 करोड़ रुपये के घाटे को हमने बेहतर कर अनुपालन, मितव्ययी उपायों और अतिरिक्त संसाधनों से पूरा करने का इरादा जताया है।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कर्मियों का वेतन और पेंशन बढ़ाने के लिए बजट में 6 अरब रुपये अतिरिक्त जारी करने का प्रस्ताव है।
राज्य सरकार के कर्मियों की वेतन और पेंशन को केंद्र सरकार के कर्मियों के समकक्ष करने की लंबे समय से चली आ रही मांग के बारे में मंत्री ने कहा कि बजट में अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव किया गया है और ‘जल्द ही हम कोई ठोस निर्णय लेंगे।’
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार की 28 सामाजिक पेंशन योजनाओं में प्रत्येक में 100 रुपये मासिक की बढ़ोतरी की गई है, जिसमें राज्य की हिस्सेदारी वाली तीन राष्ट्रीय पेंशन योजनाएं भी शामिल हैं। इस पर सालाना 39 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे 3,25,000 लोग लाभान्वित होंगे।”
मंत्री ने कहा कि बजट प्रस्तावों में मुख्य प्राथमिकता शिक्षा (कुल प्राप्ति का 21.23 फीसदी खर्च किया जाएगा), इसके बाद लोक निर्माण कार्य पर 11.51 फीसदी, ग्रामीण विकास पर 9.96 फीसदी, कृषि पर 5.37 फीसदी तथा स्वास्थ्य पर 4.85 फीसदी खर्च किया जाएगा।
साहा ने कहा कि 1 जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए कर अधिकारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा जीएसटी परिषद से मॉडल जीएसटी नियम प्राप्त होने के बाद नियम-कानूनों में आवश्यक बदलाव किया जाएगा।
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