अगरतला, 18 नवंबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा विधानसभा की दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए शनिवार को मतदान होगा। मतदान के मद्देनजर सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष, दोनों इन उप-चुनावों को प्रतिष्ठा का चुनाव मान रहे हैं।
जिन दोनों सीटों पर चुनाव होने हैं, वे अनुसूचित जाति (सुरक्षित) के लिए आरक्षित हैं। ये सीटें बारजाला और खोवई हैं।
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक के. नागराज ने आईएएनएस से कहा, “दोनों विधानसभा सीटों के उप-चुनाव शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से कराने के लिए सुरक्षा के चुस्त इंतजाम किए गए हैं। चुनाव वाले क्षेत्रों और उनके आसपास के क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बल -बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल)- की नौ से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं।”
उन्होंने कहा, “केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अलावा राज्य के सुरक्षा बलों की भी पर्याप्त मात्रा में तैनाती की जाएगी, जिसमें विशिष्ट एवं उग्रवाद रोधी प्रशिक्षित टीएसआर (त्रिपुरा स्टेट राइफल्स) शामिल होंगे।”
निर्वाचन आयोग ने दोनों विधानसभा सीटों पर मतदान की निगरानी के लिए तीन केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।
बारजाला सीट कांग्रेस विधायक जितेंद्र सरकार के छह जून को इस्तीफा देने के कारण खाली हुई है। सरकार ने पार्टी के अंदर किसी कलह के कारण इस्तीफा दे दिया था। जबकि खोवई सीट वयोवृद्ध माकपा विधायक समीर देब सरकार के निधन के कारण रिक्त हुई है।
उपचुनाव में चारकोणीय मुकाबले के आसार हैं। इसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला वाममोर्चा, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस शामिल हैं।
दोनों सीटों पर पांच-पांच उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। बारजाला सीट पर 18,935 महिलाओं सहित कुल 39,007 मतदाता मतदान के पात्र हैं। जबकि खोवई में 19,436 महिलाओं सहित कुल 39,400 मतदाता मतदान के पात्र हैं।
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