अगरतला, 8 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता माणिक सरकार ने मंगलवार को यहां कहा कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार लोकतंत्र व लोकतांत्रिक गतिविधियों पर हमले कर रही है।
पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर निर्मित कांग्रेस व माकपा के सात कार्यालयों को सोमवार को बुल्डोजर से ढहा दिया। इस स्थल का दौरा करने के बाद माणिक सरकार ने कहा, “वे त्रिपुरा में एक पार्टी का शासन स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।”
पश्चिम त्रिपुरा जिला मजिस्ट्रेट मिलिंद धर्मराव रामटेके ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने तीन अन्य पार्टी कार्यालयों को ढहा दिया। इसमें माकपा, कांग्रेस व भाजपा से जुड़े भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के एक-एक कार्यालय शामिल हैं।
रामटेके ने मीडिया से कहा, “ये तीनों कार्यालय सरकारी जमीन पर बने थे। सरकार के फैसले के अनुसार आने वाले दिनों में पार्टी कार्यालयों को ढहाया जाना जारी रहेगा।”
रामटेके अनुसार, अकेले पश्चिम त्रिपुरा जिले में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के अवैध रूप से निर्मित इस तरह के 104 कार्यालय हैं। रामटेके मुख्यमंत्री विप्लब कुमार देब के अतिरिक्त सचिव भी हैं।
कार्यालयों को गिराए जाने का अभियान विपक्ष की कड़ी आपत्ति व आलोचनाओं के बीच जारी रहा। इन विपक्षी पार्टियों में माकपा, कांग्रेस व इंडीजीनस नेशनलिस्ट पार्टी ऑफ त्रिपुरा (आईएनपीटी) शामिल हैं।
सरकार ने कहा कि 18 फरवरी के विधानसभा चुनाव के नतीजे तीन मार्च को घोषित होने के बाद से भाजपा सरकार का निर्दोष, विपक्षी पार्टियों पर व उनके सैकड़ों पार्टी कार्यालयों पर हमले जारी हैं।
माणिक सरकार ने कहा, “60-70 साल पहले बने पार्टी कार्यालयों को ढहाए जाने से पहले सरकार को संबंधित राजनीतिक पार्टियों से बात करनी चाहिए थी। गिराए गए पार्टी कार्यालयों के वैकल्पिक बंदोबस्त किए जा सकते हैं।”
त्रिपुरा में विपक्ष के नेता माणिक सरकार ने कहा, “भाजपा सरकार मजदूरों व श्रमिक वर्ग के लोगों के अधिकारों पर नियंत्रण की कोशिश कर रही है। यह बहुत ही अलोकतांत्रिक है।”
इस पर भाजपा के प्रवक्ता मृणाल कांति देब ने मीडिया से कहा, “माकपा के संविधान में लोकतंत्र नाम का कोई शब्द नहीं है, इसलिए माकपा नेताओं को लोकतंत्र के बारे में नहीं बोलना चाहिए। सरकार के कार्यकाल के दौरान इन राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय को सत्तारूढ़ पार्टी के सहयोग से बनाया गया था।”
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