नई दिल्ली, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। दालों और प्याज की कीमत बढ़ने के बावजूद देश की थोक महंगाई दर अगस्त महीने में और घटकर नकारात्मक 4.95 फीसदी रही, जो जुलाई में नकारात्मक 4.05 फीसदी थी। यह जानकारी सोमवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी एक आंकड़े में दी गई।
इस गिरावट में सर्वाधिक योगदान ईंधन मूल्यों में गिरावट का है। एक साल पहले समान अवधि में थोक महंगाई दर 3.85 फीसदी थी।
आलोच्य अवधि में प्याज हालांकि 65 फीसदी महंगा हुआ है और दलहन 36 फीसदी महंगा हुआ।
इसी दौरान आलू और सब्जियां क्रमश: 52 फीसदी और 21 फीसदी सस्ती हुई। अनाजों और चावल की कीमत भी घटी। अनाज 1.65 फीसदी और चावल 3.48 फीसदी सस्ता हुआ।
समग्र तौर पर खाद्य वस्तु सूचकांक में 1.13 फीसदी गिरावट रही।
विनिर्मित उत्पादों की श्रेणी में भी खाद्य वस्तुएं सस्ती हुई हैं और खासकर चीनी इस दौरान 19 फीसदी सस्ती हुई।
अगस्त में ईंधन सूचकांक में 16.5 फीसदी गिरावट हुई। इस दौरान पेट्रोल 13.26 फीसदी और डीजल 24.54 फीसदी सस्ता हुआ। रसोई गैस 5.32 फीसदी सस्ता हुआ।
सोमवार को ही उपभोक्ता महंगाई दर के आंकड़े आने वाले हैं। दोनों ही आंकड़े इस नाते महत्वपूर्ण हैं कि इनसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दर कटौती की संभावना का पता चलेगा।
रिजर्व बैंक 29 सितंबर को मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक करेगा। यदि दोनों दरों में गिरावट दर्ज की जाती है, तो दर कटौती की संभावना प्रबल हो जाएगी।
थोक महंगाई दर में गिरावट से बाजार में तेजी दर्ज की जा रही है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को दोपहर के कारोबार में करीब 2.10 बजे 176.90 अंकों की तेजी के साथ 25,787.11 पर कारोबार करते देखा गया।
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