हैदराबाद, 19 जनवरी (आईएएनएस)। हैदराबाद विश्वविद्यालय में एक दलित शोधछात्र की आत्महत्या से उपजे आक्रोश के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को यहां पहुंचे। वह आक्रोशित छात्रों और पीड़ित परिवार से मिले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोंदी से केंद्रीय श्रममंत्री बंडारू दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय के कुलपति और इस घटना के लिए जिम्मेदार अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे कड़ा दंड मिलना चाहिए।”
राहुल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और कुलपति ने ऐसी स्थितियां पैदा कीं कि शोधछात्र रोहित वेमुला को आत्महत्या करनी पड़ी।
कुलपति अप्पा राव के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए राहुल ने कहा, “रोहित ने आत्महत्या की है, जिसके लिए परिस्थितियां केंद्रीय मंत्री, कुलपति और संस्थान ने पैदा कर दी थीं।”
राहुल निलंबित किए गए चार अन्य दलित छात्रों से मिले और रोहित वेमुला के परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग भी की। रोहित सहित पांच छात्रों को भाजपा समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ नेताओं के साथ झड़प के बाद निलंबित कर दिया गया था।
वह भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से भी मिले और उन्होंने परिवार को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा और नौकरी देने की छात्रों की मांग का समर्थन किया।
उन्होंने कहा, “यह युवक परिवार का भविष्य था, जिसे उन्होंने छीन लिया। अब उनका भविष्य सुनिश्चित किया जाए।”
राहुल ने कुलपति के रोहित की मां से न मिलने को संवेदनहीनता बताया।
मामले के राजनीतिकरण न करने के छात्र नेताओं के आग्रह पर राहुल ने कहा, “मामले के राजनीतिकरण का तो सवाल ही नहीं उठता, लेकिन संस्थान ने युवाओं को विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता देने की जगह, उन्हें कुचलने के लिए सत्ता का इस्तेमाल किया।”
उन्होंने छात्रों की इंसाफ की लड़ाई में अपना पूरा समर्थन देने का भरोसा जताया और कहा कि हर विश्वविद्यालय में यही हो रहा है।
राहुल ने कहा, “हमें इस लड़ाई को जारी रखना चाहिए, ताकि हम भविष्य में एक ऐसा कानून ला पाएं जो हर छात्र को कुछ न्यूनतम अधिकार दे।”
उन्होंने कहा कि इस तरह के कानून में संस्था की स्वायत्तता सुनिश्चित की जानी चाहिए और इसमें केंद्र सरकार की कोई बंदिश नहीं चाहिए।
उल्लेखनीय है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रहे छात्र रोहित वेमुला ने रविवार को छात्रावास स्थित अपने कमरे में खुदकुशी कर ली। इसके बाद हैदराबाद से दिल्ली तक विरोध-प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का आरोप है कि रोहित ने यह कदम उसके साथ हुए भेदभाव व सामाजिक बहिष्कार की वजह से उठाया।
छात्रों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने दलित छात्रों के बहिष्कार का विरोध कर रहे छात्रों पर कार्रवाई के बाबत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखा था। स्मृति के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच छात्रों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद छात्र रोहित ने खुदकुशी कर ली।
हैदराबाद विश्वविद्यालय परिसर में उस्मानिया विश्वविद्यालय व अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र तथा कई दलित नेता व वामपंथी संगठनों के लोग पहुंचे, उन्होंने स्मृति ईरानी, दत्तात्रेय, कुलपति और एबीवीपी के खिलाफ नारे लगाए। उधर रामनगर स्थित दत्तात्रेय के आवास पर तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति, तेलंगाना जागृति मंच व अन्य संगठनों के लोगों ने प्रदर्शन किया और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
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