पुणे, 20 अगस्त (आईएएनएस)। अंधविश्वास विरोधी प्रचारक नरेंद्र दाभोलकर की तीसरी पुण्यतिथि पर यहां जुलूस निकाले गए। साल 2013 में आज ही के दिन उनकी हत्या तब हो गई थी, जब वह सुबह की सैर पर निकले थे।
दाभोलकर के लिए न्याय की मांग करते हुए महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (एमएएनएस), सिविल सोसायटी के कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने एक जुलूस निकाला। दो अज्ञात मोटर साइकिल सवारों ने गोली मारकर दाभोलकर की हत्या कर दी थी।
इसके साथ ही सनातन संस्था और अन्य समूहों के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी एक विरोध जुलूस निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सनातन संस्था से जुड़े विनोद तावड़े दाभोलकर हत्या मामले में आरोपी है।
उन्होंने सनातन संस्था के खिलाफ ‘मीडिया ट्रायल’ बंद करने के लिए नारे लगाए।
एमएएनएस के जुलूस का नेतृत्व कर रहीं दाभोलकर की पुत्री मुक्ता ने लोगों से शांति के लिए आन्दोलन में शामिल होने और तर्कवादियों की आवाज मजबूत करने का अनुरोध किया।
दाभोलकर के पुत्र हामिद ने कहा कि अगर उनके पिता के हत्यारों का तीन साल से कोई अता-पता नहीं है तो आम लोगों के लिए न्याय की क्या उम्मीद की जा सकती है।
हामिद ने कहा, “हम न्याय के लिए और उनके विचारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।”
काला फीता बांधकर और हाथ में बैनर व तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने ‘नरेंद्र दाभोलकर अमर रहे’ के नारे लगाए और उस स्थान तक गए, जहां दाभोलकर की हत्या हुई थी। दाभोलकर की याद में संगठन ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए।
दाभोलकर को श्रद्धांजलि देने के लिए महाराष्ट्र भर में स्मारक जुलूस, मोमबत्ती जुलूस और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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