दार्जिलिंग, 10 जून (आईएएनएस)। उत्तरी पश्चिम बंगाल में सामान्य जनजीवन बहाल हो गया है, इस बीच दार्जिलिग, कालिमपोंग और कुर्सियोंग में सेना की गश्त जारी है। यहां शनिवार को किसी तरह की हिंसा की कोई खबर नहीं आई है।
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) द्वारा गुरुवार को अलग गोरखालैंड की मांग के लिए विरोध शुरू करने के बाद से पश्चिम बंगाल के तीन पहाड़ी इलाकों में सेना की छह टीमों को तैनात किया गया है, जिसमें प्रत्येक टीम में 43 सुरक्षाकर्मी हैं।
केंद्रीय रिजर्व पुलिसबल (सीआरपीएफ) की तीन कंपनियों की तैनाती की गई है।
पुलिस के मुताबिक, जीजेएम प्रमुख बिमल गुरुं ग सहित कई कार्यकर्ताओं पर आपराधिक षड्यंत्र रचने और आगजनी का मामला दर्ज किया गया है।
जिला प्रशासन ने जीजेएम संचालित गोरखा क्षेत्रीय प्रशासन के मुख्यालय भानु भवन को सील कर दिया।
जेजीएम द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद के बाद दुकानों, रेस्तरां और होटलों को दोबारा खोल दिया गया।
तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार सुबह इन क्षेत्रों में शांति रैली निकाली।
इस दौरान राज्य सराकर ने दार्जिलिंग पुलिस अधीक्षक अमित जावलगी को पद से हटा दिया है और स्थिति की जांच के लिए पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भेजी है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार की रात मैदानी इलाकों का दौरा किया। अब वह जलपाईगुड़ी जिले में मौजूद हैं।
उन्होंने शनिवार को उत्तर बंगाल सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्य सचिव बदुदेव बनर्जी और राज्य के पुलिस महानिदेशक सुरोजीत कर पुरोकायस्थ भी मौजूद थे।
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