नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। दालों की बढ़ती कीमत के मुद्दे के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने सोमवार को मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की। यह समिति दालों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वाजिब वृद्धि और किसानों को बोनस देने पर विचार करेगी।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली मंत्रालय की एक समिति ने दालों का सुरक्षित भंडार आठ लाख टन से बढ़ाकर 20 लाख टन करने का निर्णय भी लिया है।
खाद्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि खाद्य मंत्री राम विलास पासवान के सुझाव पर अरुण जेटली के नेतृत्व में मंत्रालय की एक समिति बनी। इसने तय किया कि सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता वाली समिति दालों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में यथोचित वृद्धि करने और दाल उत्पादन करने के लिए किसानों को बोनस देने पर विचार करेगी।
संवाददताओं को इसकी जानकारी देते हुए पासवान ने कहा, “सरकार ने दालों पर दीर्घकालिक नीति बनाने के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार के नेतृत्व में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति एमएसपी और बोनस सहित विभिन्न विकल्पों पर विचार करेगी। मेरी समझ से उत्पादन पर बोनस किसानों के लिए एमएसपी की तुलना में अधिक लाभदायक रहेगा।”
यह समिति दो हफ्ते में अपनी रपट जमा करेगी। इस बैठक में जिन अन्य मंत्रियों ने भाग लिया, उनमें कृषिमंत्री राधा मोहन सिंह, सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू और वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन शामिल हैं। पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों को अरहर दाल 66 रुपये और उड़द 82 रुपये खुदरा वितरण के लिए मुहैया करा सकती है।
इसी बैठक में दाल का सुरक्षित भंडार आठ लाख टन से बढ़ाकर 20 लाख टन करने का भी निर्णय लिया गया।
सरकार म्यांमार और मोजांबिक जैसे देशों से दालों का आयात करने का निर्णय पहले ही ले चुकी है। इस बैठक में दाल उत्पादन करने वाले देशों से सरकारों के स्तर पर और आगे भी दाल खरीद की संभावना तलाशने का निर्णय लिया गया।
सुरक्षित भंडार और आयात के जरिए दालों की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद चना दाल सहित दालों की खुदरा कीमत बढ़ती जा रही है।
मंत्रालयी समिति ने चना दाल का मूल्य बढ़ने पर चिंता जताई। एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, “समिति की यह राय थी कि राज्य सरकारों को उचित मूल्य पर चना दाल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इसका उत्पादन भी अच्छा हुआ है और आवक भी अच्छी है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक जून को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की अरहर, उड़द और मूंग दाल व तेलहन के लिए प्रति क्विंटन 425 रुपये की जो संस्तुति की गई है, उससे से अधिक बोनस देने का निर्णय लिया था।
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