नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) प्रमुख एम.के.मीणा कानून के तहत काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कि वह किसी को काम नहीं करने दे रहे।
अतिरिक्त महाधिवक्ता (एसीजी) मनिंदर सिंह ने न्यायाधीश वी.पी.वैश से कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा दाखिल याचिका में मीणा के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है, जो प्रामाणिक नहीं है।
उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार द्वारा दायर याचिका प्रामाणिक नहीं है। वह कानून के तहत काम कर रहे हैं।”
दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील दयान कृष्णन ने सुनवाई के दौरान अरोप लगाया कि मीणा कानून के तहत काम नहीं कर रहे हैं और किसी और को काम नहीं करने दे रहे।
कृष्णन ने कहा, “अधिकारी को कानून के तहत काम करने के लिए कहें।”
केंद्र सरकार ने अवमानना याचिका तथा नौकरशाहों की नियुक्तियों व भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की शक्तियों पर अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए न्यायालय से समय की मांग की।
न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख आठ अक्टूबर तय की।
dharmpath.com dharmpath