नई दिल्ली, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने बुधवार को दिल्ली सरकार द्वारा प्याज की खरीद और बिक्री में कथित अनियमितता की जांच का आदेश दिया। दिल्ली सरकार ने इस आरोप को खारिज किया है और कहा है कि कहीं किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा तैनात भारतीय पुलिस सेवा के अफसर एम.के.मीणा की अगुवाई वाली एसीबी ने दिल्ली सरकार के प्याज सौदे की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है।
एसीबी प्रमुख मीणा ने आईएएनएस से कहा, “हमने शिकायतें मिलने के बाद प्याज खरीद मामले में जांच का आदेश दिया है। इसके लिए अलग-अलग टीम बनाई गई हैं।”
मीणा ने उन अफसरों के नाम नहीं बताए जो मामले की जांच करेंगे।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार है। लेकिन, साथ ही केंद्र सरकार से गुजारिश है कि वह सीएनजी फिटनेस घोटाले की भी निष्पक्ष जांच कराए।
सिसोदिया ने कहा, “इस समय एसीबी मोदी जी की निगरानी में काम कर रही है। केंद्र सरकार के निर्देश पर ही दिल्ली में प्याज की खरीद के मामले की जांच शुरू की गई है। हम सभी जांच के लिए तैयार हैं।”
सिसोदिया ने कहा कि प्याज की खरीद से संबंधित सभी फाइलें जनता और मीडिया के सामने रखी जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा, “हम इन सभी फाइलों को प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजेंगे। लेकिन, हम चाहते हैं कि मोदीजी उपराज्यपाल को निर्देश दें कि वह सीएनजी फिटनेस घोटाले की सभी फाइलें दिल्ली सरकार के जांच आयोग को सौंप दें।”
उन्होंने कहा, “वह (नजीब जंग) जांच (सीएनजी फिटनेस घोटाले की) से भाग रहे हैं।”
मीणा ने यह कदम आरटीआई और भाजपा कार्यकर्ता विवेक गर्ग की एसीबी को दी गई शिकायत के बाद उठाया है।
गर्ग का आरोप है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने 18 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज खरीदी और 30 रुपये किलोग्राम की दर से बेची। गर्ग ने कहा कि उन्हें आरटीआई से यह जानकारी मिली है।
21 सितंबर को दिल्ली सरकार ने दिल्ली के लोगों को विस्तार से बताया कि वह प्याज सब्सिडी दर पर मुहैया करा रही है। सरकार ने कहा कि कुल मिलाकर उसे प्याज 40 रुपये प्रति किलोग्राम मिली, लेकिन लोगों को इसे 30 रुपये प्रति किलोग्राम मुहैया कराई गई। सरकार ने प्रत्येक किलो पर 10 रुपये का अनुदान दिया।
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