दिल्ली के 21 आप विधायकों संबंधी सुनवाई टली (लीड-1)

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) के 21 विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त किए जाने के मामले में संबंधित विधायकों से स्पष्टीकरण लेने से संबंधित सुनवाई 21 जुलाई तक स्थगित कर दी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा संसदीय सचिव नियुक्त किए गए 21 आप विधायकों पर सदस्यता रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि संसदीय सचिवों के तौर पर वे ‘लाभ के पद’ पर बने हुए थे, जो कि संवैधानिक नियमों के विरुद्ध है।

आयोग ने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन द्वारा खुद को इस मामले में वादी बनाने की मांग करते हुए मध्यस्थता याचिका दायर किए जाने के बाद सुनवाई स्थगित कर दी। माकन हालांकि संबंधित 21 विधायकों को उसकी प्रति नहीं भेज पाए।

माकन ने यहां कहा, “चुनाव आयोग ने हमें अपनी याचिका की प्रति अन्य पार्टियों और 21 विधायकों को भेजने को कहा है। लाभ का पद मामले में 21 विधायकों की सुनवाई 21 जुलाई को होगी।”

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद इस मामले में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

संसदीय सचिव नियुक्त किए गए आप विधायक जरनैल सिंह ने कहा, “अब तक कांग्रेस और भाजपा दोनों यह कहते रहे कि यह राजनीतिक मसला नहीं है, लेकिन आज इस याचिका से यह स्पष्ट हो गया है कि यह राजनीतिक मसला है।”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि इस स्थिति ने आप और कांग्रेस के बीच की ‘मिलीभगत’ का खुलासा कर दिया है। कांग्रेस इस मामले में वादी तो बन गई, लेकिन उसने जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं की।

उपाध्याय ने कहा, “माकन पिछले एक महीने से बयान जारी कर रहे हैं और आज (गुरुवार) वह बड़े-बड़े वकीलों के साथ चुनाव आयोग तो पहुंच गए, लेकिन उन्होंने जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं की। इससे साबित होता है कि उनका असली मकसद आप को खुद के बचाव के लिए और समय देना है।”

आयोग ने संसदीय सचिवों के पद पर नियुक्त आप के 21 विधायकों से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। दिल्ली में इन पदों के लिए संवधानिक प्रावधान नहीं है।

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