झांसी स्टेशन पर दो किशोर को यात्रियों ने इधर-उधर भटकते देखा, शक होने पर उन्होंने इसकी सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी ने दोनों को पकड़ लिया और थाने ले आई। पूछताछ के दौरान 14 वर्षीय किशोर ने अपना नाम अंकित शर्मा और पिता का नाम मुरैना (ग्वालियर) निवासी संतोष शर्मा और 15 वर्षीय ने अपना नाम आशीष झा, पिता का नाम डीडी नगर, ग्वालियर निवासी संजय झा बताया।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए दोनों किशोरों ने बताया कि उन्होंने टीवी पर दिल्ली की ऊंची-ऊंची इमारतें और गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखी थीं। दिल्ली के दृश्य दोनों के सपने में आने लगे। दोनों दोस्त हकीकत में ये सब देखने के लिए घर में बिना बताए भाग निकले, लेकिन दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार न होकर गलती से झांसी की ओर आने वाली ट्रेन में सवार हो गए। उन्हें गलती का अहसास तब हुआ, जब झांसी स्टेशन पहुंच गए। यहां उतरकर वे दिल्ली जाने वाली किसी दूसरी गाड़ी में चढ़ते, तब तक जीआरपी ने उनके अरमान पर पानी फेर दिया।
जीआरपी ने अंकित शर्मा और आशीष झा के पिता को फोन कर बुलाया और दोनों को उनके साथ वापस भेज दिया।
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