नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। दिल्ली नगर निगम के 13 वार्डो के लिए हुए उपचुनावों के नतीजों से मंगलवार को तीनों निगमों पर राज कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा झटका लगा। पार्टी 13 में से केवल तीन वार्डो पर पकड़ बरकरार रख पाई।
वहीं, पहली बार निकाय चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी (आप) ने पांच वार्डो में जीत दर्ज की और कांग्रेस ने चार सीटें जीतकर अपनी स्थिति सुधारी।
एक सीट स्वतंत्र उम्मीदवार राजेंद्र सिंह तंवर ने जीती, जो बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।
नगर निगम के 13 वार्डो के लिए 15 मई को चुनाव हुआ था और मंगलवार सुबह राज्य निर्वाचन आयोग ने नतीजों की घोषणा कर दी। इन चुनावों को अगले वर्ष के निकाय चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है।
13 नवनिर्वाचित निगम सदस्यों में से 12 बार पहली बार चुनाव में खड़े हुए हैं।
नतीजों की घोषणा होने के तुरंत बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोगों ने फिर से आप पर अपना भरोसा जताया है।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “एमसीडी पर भाजपा-कांग्रेस ने शासन किया। उपचुनाव में बाहरी आप ने अधिकतम सीटें जीतीं। दोबारा भरोसा दिखाने के लिए शुक्रिया दिल्ली। अब एमसीडी चुनाव में सभी सीटें जीतनी हैं।”
कांग्रेस ने भी नतीजों को अपने हक में बताया। दिल्ली इकाई के प्रमुख अजय माकन ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लाई। उन्होंने पार्टी की अच्छी परफॉर्मेस के लिए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी श्रेय दिया।
उन्होंने ट्वीट में कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और दिल्ली वालों की समझ पैसे, ताकत एवं आप व भाजपा की प्रशासन की ताकत के खिलाफ जीती गई।”
माकन ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “राहुलजी हड़ताली सफाईकर्मियों, खफा खोमचे वालों व झुग्गी बस्तियों वालों के पास गए और उन्हें समर्थन दिया। उन लोगों ने अब जवाब दिया है।”
चुनाव नतीजे भाजपा की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे। भाजपा 2007 से नगर निकाय पर काबिज रही है।
भाजपा उन सात में से केवल दो वार्डो पर पकड़ बरकरार रख पाई, जिसमें 2012 में उसने जीत पाई थी, जबकि एक सीट पर जीत दर्ज कराई है।
हालांकि चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत 34.11 फीसदी, आप का 29.93 फीसदी और कांग्रेस का 24.87 फीसदी रहा।
दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने अपनी पार्टी को मिले झटके पर बात करने से कतराते हुए कहा कि नतीजे संकेत करते हैं कि लोगों ने आप से दूरी बना ली है।
उन्होंने कहा, “चुनाव नतीजे दर्शाते हैं कि दिल्लीवासियों ने आप की अहंकार, अराजकता व झूठ की राजनीति से दूरी बना ली है।”
2013 व 2014 में दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए निगम सदस्यों द्वारा दिए गए इस्तीफे के बाद से दिल्ली में तीनों नगर निकायों के 13 वार्ड में सीटें रिक्त थीं।
आप के जीते उम्मीदवार मोहम्मद सादिक (बल्लीमारान), अशोक कुमार (विकास नगर), रमेश (मटियाला), अनिल मलिक (नानकपुरा) और अभिषेक बिधूड़ी (तेहखंड) हैं, जबकि भाजपा से महेंद्र नागपाल (वजीरपुर), भूपिंदर मोहन भंडारी (शालीमार बाग) और कृष्ण गहलोत (नवादा) विजेता रहे।
कांग्रेस के विजेता उम्मीदवारों में अशोक भारद्वाज (कमरुद्दीन नगर), योगिता राठी (मुनिरका), आनंद कुमार (खिचड़ीपुर) और पंकज (झिलमिल) शामिल हैं।
भाटी वार्ड से स्वतंत्र उम्मीदवार राजेंद्र सिंह तंवर ने नतीजे आने के फौरन बाद घोषणा की कि वह कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath