अगरतला, 17 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-बांग्लादेश के बीच एक नई रेल परियोजना का संभवत: 27 मई को शिलान्यास करेंगे। रेलवे के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, “मोदी 27 मई को अगरतला से सियालदह, अगरतला से सिलचर और मणिपुर (52 किमी) और मिजोरम (84 किमी) के लिए नवनिर्मित ब्रॉड गेज लाइन से नियमित सवारी गाड़ी को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।”
अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “प्रधानमंत्री शिलांग में पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के सत्र में भाग लेंगे। शिलांग से ही रिमोट कंट्रोल के जरिए प्रधानमंत्री अगरतला-अखौरा (बांग्लादेश) रेल परियोजना का शिलान्यास करेंगे।”
त्रिपुरा के योजना एवं समन्वयन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मेघालय की राजधानी शिलांग में योजना निर्माण से जुड़ी क्षेत्रीय संस्था एनईसी के सत्र का उद्घाटन करेंगे।
अधिकारी ने कहा, “सत्र के दौरान वह पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं राज्यपालों के साथ बातचीत करेंगे।”
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वर्ष 2010 के जनवरी में जब नई दिल्ली में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिली थीं, तभी 968 करोड़ की लागत वाली अगरतला-अखौरा रेल परियोजना को अंतिम रूप दिया गया था।
त्रिपुरा के परिवहन मंत्री माणिक डे ने संवाददाताओं से कहा, “त्रिपुरा सरकार के लगातार आग्रह और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के हस्तक्षेप से पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डीओएनईआर) मंत्रालय नई रेल परियोजना के लिए 580 करोड़ रुपये मुहैया कराने के लिए सहमत हुआ है।”
उन्होंने कहा कि यदि डीओएनईआर मंत्रालय पैसा जारी कर देता है तो 67 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने के लिए जरूरी काम तत्काल शुरू हो जाएगा।
हाल में त्रिपुरा दौरे के दौरान रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा था कि त्रिपुरा के साथ नई भारत-बांग्लादेश रेल परियोजना का पीएमओ पर्यवेक्षण कर रहा है।
उन्होंने कहा था कि 15 किलोमीटर (भारत की तरफ पांच किलोमीटर और बांग्लादेश की तरफ 10 किलोमीटर) लंबी अगरतला-अखौरा रेल परियोजना से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र और पूर्वी बांग्लादेश के विकास और अर्थव्यवस्था को बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा।
सिन्हा के अनुसार, “इस परियोजना से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक्ट ईस्ट नीति को प्रोत्साहन मिलेगा।”
मोदी पिछले साल जब ढाका गए थे तो उन्होंने वहां प्रधानमंत्री शेख हसीना से इस परियोजना पर चर्चा की थी।
त्रिपुरा के मंत्री ने कहा, “अगरतला-अखौरा रेल परियोजना के बांग्लादेश के हिस्से वाले क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए भारत का विदेश मंत्रालय जरूरी धन मुहैया कराएगा, जबकि डीओएनईआर मंत्रालय का पैसा परियोजना के भारतीय हिस्से पर खर्च किया जाएगा।”
बांग्लादेश के साथ एक बार जब नई रेल लाइन बिछ जाएगी तो अगरतला-कोलकाता की दूरी 1650 किलोमीटर से घटकर मात्र 550 किलोमीटर हो जाएगी।
अभी भारत और बांग्लादेश के बीच पश्चिम बंगाल से चार रेल संपर्क मार्ग हैं।
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