नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को 197 हेवी ड्यूटी वाहन खरीदने की शनिवार को इजाजत दे दी। लेकिन न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को वाहनों के कुल मूल्य का 30 प्रतिशत पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया। वीवीआईपी सुरक्षा समेत कई गतिविधियों में इन वाहनों का उपयोग किया जाएगा।
अतिरिक्त महाधिवक्ता पिंकी आनंद ने शीर्ष अदालत से कहा कि वीवीआईपी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था उद्देश्यों के लिए इन वाहनों की आवश्यकता है। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर, न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति आर. भानुमति की पीठ ने यह आदेश दिया।
आनंद ने कहा कि विचाराधीन कैदियों के परिवहन, हथियार और गोला बारूद के संग्रहण, कानून-व्यवस्था, बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों को खींचकर ले जाने, गश्त लगाने और अखिल भारतीय पुलिस घुड़सवारी के लिए जानवरों के परिवहन हेतु इन वाहनों की आवश्यकता है।
शीर्ष अदालत ने इसकी अनुमति देते हुए अपने पहले के उस आदेश में संशोधन किया, जिसमें 2000 सीसी या उससे अधिक क्षमता वाले डीजल वाहनों के पंजीकररण पर रोक लगा दी गई थी।
शीर्ष अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड को भी अपने 10 साल से अधिक पुराने वाहनों को बदलने के लिए 250 वाहन खरीदने की अनुमति दे दी।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस आशय का निर्देश जारी किया।
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