नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। सर्दी से पहले दिल्ली और एनसीआर की हवा की गुणवत्ता खराबा होती जा रही है, इसलिए दिल्ली सरकार कहा कि वह सड़कों पर वाहनों की संख्या में कटौती करने के लिए राजधानी में सम-विषम योजना को फिर से लागू कर सकती है।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बुधवार को लिखे एक पत्र में दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) को सम-विषम योजना के कार्यान्वयन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इस योजना के अंतर्गत सुबह के 8 बजे से लेकर रात के 8 बजे तक विषम नंबर से पंजीकृत निजी वाहन विषम दिनांक वाले दिन चलेंगे और सम नंबर वाले वाहन सम दिनांक वाले दिन चलेंगे।
इस योजना के शुरुआती दो चरणों में सप्ताहांत और सार्वजनिक छुट्टियों के दिन इसे लागू नहीं किया गया था। इसके अलावा यह योजना सीएनजी और विद्युत चालित वाहन, दुपहिया वाहन, महिलाओं द्वारा चलाई जा रही कार और 12 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ महिला चालक वाले वाहन पर लागू नहीं हुआ था। चिकित्सकीय आपातकाल के लिए वाहन, विकलांग व्यक्तियों द्वारा अधिकृत और चलाए जा रहे वाहन, वीवीआईपी और प्रवर्तन वाहनों को हर दिन चलने की अनुमति दी गई थी।
मंत्री ने डीटीसी को बसों/कंडक्टर का प्रबंध करने के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने और उसको सात दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया।
पत्र में लिखा गया, “दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण सरकार को विषम-सम योजना समेत कई आपातकालीन उपायों को लागू करना पड़ सकता है।”
पत्र में आगे लिखा गया, इसलिए, यह आवश्यक है कि परिवहन विभाग/ डीटीसी/ डीआईएमटीएस इस योजना की घोषणा के वक्त इसके कार्यान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार रहें।”
दिल्ली की जहरीली हवा को रोकने के लिए योजना पहली बार 1 जनवरी, 2016 को शुरू की गई थी। दूसरा चरण 15 अप्रैल को उसी वर्ष शुरू हुआ था। इसका उल्लंघन करने वालों पर तत्काल 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
राजधानी में हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। गुरुवार को, औसत हवा का गुणवत्ता सूचकांक ‘खराब’ रहा, लेकिन राजधानी के अधिकांश इलाकों में सूचकांक ‘बहुत खराब’ रहा और कुछ स्थानों पर वायु प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ रहा।
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