नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चीनी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों के एक समूह को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ विद्यार्थियों के साथ हिरासत में ले लिया गया है।
विद्यार्थी हाल ही में चीन द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के छह स्थानों के नाम चीनी भाषा में रखने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने पहले अरुणाचल भवन के बाहर प्रदर्शन किया और उसके बाद वे चीनी दूतावास की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक लिया।
एबीवीपी और अरुण चेतना मंच से संबद्ध प्रदर्शनकारी विद्यार्थी इस दौरान लगातार ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते रहे।
एबीवीपी के एक सदस्य हिमांग वर्मा ने आईएएनएस से कहा, “हम इस विरोध प्रदर्शन में इसलिए शामिल हुए, क्योंकि विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रोमजिर रक्षपा दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृति सचिव हैं और हम भारत की अखंडता का समर्थन करते हैं।”
रक्षपा ने कहा कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के जिन जगहों के नाम बदले हैं, वह उनमें से एक कस्बे के निवासी हैं और वह इसकी इजाजत नहीं दे सकते।
रक्षपा ने एक पत्रकार से कहा, “अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है.. मेरे जिले का नाम बदलकर चीन ने ऐसा नाम रखा है, जिसका मैं उच्चारण भी नहीं कर सकता। मैं भारत पर गर्व करने वाला व्यक्ति हूं।”
उन्होंने कहा, “चीन की सरकार मीडिया के जरिए लोगों को गुमराह कर रही है कि अरुणाचल के वासी चीन का समर्थन करते हैं और चीन का हिस्सा बनना चाहते हैं। यह पूरी तरह झूठ है..मैं अरुणाचल प्रदेश का रहने वाला हूं और मेरा देश भारत है।”
उल्लेखनीय है कि चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने 14 अप्रैल को अपनी वेबसाइट पर अरुणाचल प्रदेश के छह जगहों के नाम तिब्बती और रोमन लीपि से बदलकर मानक चीनी लीपि में रखने की घोषणा की थी। चीन भारत के इस पूर्वोत्त राज्य को ‘दक्षिणी तिब्बत’ कहता रहा है।
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