नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। पूरी राष्ट्रीय राजधानी के वायुमंडल में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 के अधिकतम स्तर 500 तक पहुंचने से रविवार को यहां काला घना कोहरा छाया रहा और सुबह में दृश्यता घटकर 200 मीटर रह गई।
राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, 401 से 500 के बीच प्रदूषक स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है और बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर गंभीर रूप से असर डालता है।
अन्य प्रदूषक जैसे सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन के जमीनी स्तर न्यूनतम प्रभाव डालने वाले श्रेणी में आते हैं।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में द्वारका, दक्षिण दिल्ली में आर.के. पुरम, पश्चिमी दिल्ली में पंजाबी बाग मध्य दिल्ली में मंदिर मार्ग और पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन और आनंद विहार समेत राजधानी के सभी मापक केंद्रों पर पीएम 2.5 के अधिकतम स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर या उससे अधिक थे।
पश्चिम दिल्ली के शादीपुर में पीएम 2.5 का स्तर थोड़ा कम 326 था।
मंदिर मार्ग, आर.के. पुरम, पंजाबी बाग और आनंद विहार स्थित मापक केंद्रों पर पीएम (बात कण)10 का स्तर अधिकतम 500 स्तर को छूते हुए खतरनाक श्रेणी में था।
10 माइक्रोमीटर से कम व्यास वाले बात कण इतने छोटे होते हैं कि ये फेफड़े में पहुंच सकते हैं जिससे गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
2.5 से कम व्यास वाले बात कण (पीएम 2.5) परिष्कृत कण होते हैं जो ईंधन के जलने से बनते हैं।
विगत कुछ दिनों से वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तरनाक स्तर पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को धुआं-धुंध का स्तर पिछले 17 साल में सबसे ज्यदा था।
वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, शहर के कुछ भागों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के खराब स्तर को छोड़कर अन्य प्रदूषक मध्यम से अच्छे के बीच थे।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “भारी धुंध और धुंए के कारण सुबह 8.30 बजे दृश्यता 200 मीटर थी। अगर स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह और िंबगड़ सकती है।”
रविवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत तापमान से 1 डिग्री अधिक था।
जंतर मंतर पर लोगों के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्कूलों को अगले तीन दिनों के लिए बंद करने की घोषणा की और नागरिकों को यथासंभव घर के अंदर ही रहने को कहा।
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