नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में बुधवार को पानी की भारी कमी देखी गई, जबकि हरिया से मुनक नहर में पानी की आपूर्ति सामान्य कर दी गई है।
पश्चिमी दिल्ली और द्वारका इलाकों में पानी की आपूर्ति पूरे तरह मुनक नहर पर निर्भर करती है। जाट आन्दोलन के दौरान इस नहर को नुकसान पहुंचाया गया, जिसके कारण इन इलाकों के निवासियों को गंभीर जल संकट से जूझना पड़ रहा है।
द्वारका के निवासियों का कहना है कि पानी की कमी के कारण उन्हें 20 रुपये के पानी की बोतल 50 रुपये में खरीदनी पड़ रही है।
द्वारका सेक्टर 22 में रहनेवाली श्वेता दत्त ने आईएएनएस को बताया, “बुधवार को मेरे घर में नल में पानी नहीं आया और दिल्ली जल बोर्ड भी टैंकर से पानी उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है। मेरे क्षेत्र के निवासियों को मिनरल वॉटर खरीदना पड़ रहा है। दुकानदान पानी की बोतलों को काफी ऊंची कीमत पर बेच रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि अरविन्द केजरीवाल के सत्ता संभालने के बाद से दिल्ली में टैंकर माफिया का धंधा चौपट हो गया था। लेकिन वर्तमान जल संकट को देखते हुए लगता है कि उनका धंधा फिर शुरू हो गया है।
पश्चिमी दिल्ली के निवासियों ने बताया कि उनके यहां गंदे और बेकार पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो उपयोग लायक नहीं है।
द्वारका मोड़ की प्रमिला मिश्रा ने आईएएनएस को बताया, “हमें सुबह केवल 10-15 मिनटों के लिए पानी की आपूर्ति की जा रही है और वह भी इतना गंदा है कि इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।”
दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा है कि इन इलाकों में ज्यादा पानी के टैंकर पहुंचाए जाएंगे।
मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, “द्वारका और जनकपुरी में और भी ज्यादा टैंकर भेजे गए हैं। मध्य दिल्ली और कुछ हिस्सों में पानी की सीमित आपूर्ति की जा रही है।”
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