नई दिल्ली, 11 नवंबर (आईएएनएस)। भारत-रूस सरकार की सहयोगपूर्ण पहल के एक हिस्से के तौर पर ‘रशियन फिल्म डेज’ के तीसरे संस्करण का आगाज शनिवार को दिल्ली के प्रसिद्ध सिरी फोर्ट कॉम्पलेक्स में हुआ।
समारोह में 1970 की महान फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ (माई नेम इज जोकर) पर आधारित थियेटर प्रस्तुति की गई, जो यूएसएसआर में 45 वर्ष पहले खूब चली थी।
दिन की शुरुआत दूतावास में प्रेस वार्ता के साथ हुई, जिसमें रूस के संस्कृति मंत्री व्लादिमीर मेडिन्स्की ने भाग लिया, उन्होंने सीरी फोर्ट में शुभारंभ समारोह में भाषण भी दिया था।
इस आयोजन में वर्ष 2017 की रूसी ड्रामा फिल्म ‘बोलशोई’ की स्क्रीनिंग भी की गई और इसकी प्रस्तुति फिल्म निर्देशक वैलेरी टोडोरोवस्की ने की। यह फिल्म रूस के प्रसिद्ध नाटक पर आधारित है।
वहीं मारिया लेमशेवा ने कहा, “भारतीय और रूसी फिल्म उद्योग के बीच संबंध उत्थान पर है, जिसका कारण पारस्परिक हित की वृद्धि है। हमें आशा है कि हमारा फेस्टिवल रूस और भारत के फिल्मोद्योग के बीच सह-निर्माण की गतिविधियों को तेज करेगा।”
कार्यक्रम के बारे में पूछने पर रणधीर कपूर ने कहा, “मेरे पिता और “मेरा नाम जोकर” को दी गई श्रद्धांजलि से मैं अभिभूत हूं। रशियन फिल्म डेज भारतीय और रूसी फिल्म-जगत के बीच एक शानदार पहल है। यह भारतीय दर्शकों के लिए रूसी फिल्में और उनकी संस्कृति प्रस्तुत करने वाला एक बेहतरीन मंच है।”
जानी-मानी अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा, “मैं हाल ही में रूस के चौथे भारतीय फिल्म फेस्टिवल के लिए मॉस्को गई थी और मुझे पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुझे लगता है कि इस फेस्टिवल के जरिए भारतीय दर्शकों को भी रूसी सिनेमा का आनंद लेना चाहिए।”
यह आयोजन दिल्ली में 10 से 12 नवंबर को आरंभ होकर 13 से 15 नवंबर को मुंबई से अंतत: आईएफएफआई गोवा में 21 से 28 नवंबर तक चलेगा।
फिल्म फेस्टिवल दिल्ली से मुंबई होकर गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) में समाप्त होगा। आईएफएफआई में ‘लाइट अप’, ‘होस्टेज’ और ‘क्लोजनेस’ जैसी बेहतरीन फिल्में प्रस्तुत की जाएंगी।
सभी प्रस्तुतियों के लिए प्रवेश निशुल्क है और बैठने की व्यवस्था ‘पहले आओ-पहले बैठो’ के आधार पर होगा।
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