नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में वायु की गुणवत्ता में सुधार के बाद सर्वोच्च न्यायालय की ओर से नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने गुरुवार को राजधानी में ट्रकों के प्रवेश और निर्माण गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई के अनुसार वायु की गुणवत्ता ‘विकट’ श्रेणी से सुधार के बाद ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पायी गई।
गुरुवार को 11 बजे दिल्ली में एक्यूआई का स्तर 345 था जोकि ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आता है। साथ ही, वायु में पीएम 2.5 की औसत मात्रा 345 युनिट्स पाई गई जोकि सुरक्षित सीमा 14 गुना ज्यादा है लेकिन मंगलवार को दर्ज की गई औसत मात्रा 397 युनिट्स की तुलना में बेहतर स्थिति है।
ईपीसीए ने पार्किं ग शुल्क में की गई चार गुना बढ़ोतरी का आदेश भी वापस लिया है।
सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (सीएसई) में एक शोधकर्ता व ईपीसीए के सदस्य उस्मान नसीम ने आईएएनएस को बताया कि ट्रकों के प्रवेश व निर्माण गतिविधियों पिछले सप्ताह से जारी प्रतिबंध हटा लिया गया है, लेकिन डीजल से चलने से चलनेवाले जनरेटर सेट पर प्रतिबंध जारी है।
बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि वायु की गुणवत्ता को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी जीआरएपी के अनुसार’ज्यादा विकट’ यानी ‘आपात’ की श्रेणी में बताये जाने के कारण जो प्रबिंध लगाए गए थे, उन्हें वापस लिया जा सकता है।
साथ ही गुणवत्ता का स्तर भी ‘बहुत खराब’ की जीआरएपी श्रेणी में होगी, जोकि पीएम 2.5 की औसत मात्रा 121 और 250 के बीच और पीएम10 की औसत मात्रा 351 और 430 होने पर दर्ज की जाती है। वायु गुणवत्ता की इस श्रेणी में डीजल चालित जेनरेटर पर प्रतिबंध होता है।
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