नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास दिल्ली से नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार के अधिकारियों को इसी क्षेत्र में तैनात कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान संभव हो सके।
मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा, “क्या दिल्ली में बैठकर पूर्वोत्तर का विकास संभव है? नहीं। अधिकारी वहां का दौरा करेंगे और उपाय निकालेंगे।”
उन्होंने कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने केंद्रीय अधिकारियों की टीम क्षेत्र में भेजने का महत्वपूर्ण फैसला किया है, जो यहां सप्ताह भर रहकर स्थिति का मुआयना करेगी।
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय असम, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मिजोरम, सिक्किम और मेघालय में केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं के निर्धारण, क्रियान्वयन और पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार है।
मोदी ने कहा, “केंद्र की टीमें पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न जिलों और गांवों में डेरा डालकर स्थानीय सरकारी अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों और आम जनता के साथ बैठकें और भेंट मुलाकात करेंगे। वे उनकी समस्याओं को सुनेंगे और और समाधान ढूंढने में सरकार की मदद करेंगे।”
उन्होंने कहा कि यह कदम भावी समय के लिए फलदायी साबित होगा। अधिकारियों को यह भी पता चलेगा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र कितना मनोरम है और यहां के लोग कितने स्नेही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “उन्हें (अधिकारी) पता चलेगा कि क्षेत्र को विकसित किए जाने की जरूरत है और वहां के लोगों की जो समस्याएं हैं, उनका समाधान निकालना जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “आपको पता है, मैं ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ पर बातचीत कर रहा हूं.. यह कदम इसी पॉलिसी का हिस्सा है।”
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