नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि महिला ने अपनी सहमति से व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट ने सुनील कुमार को दुष्कर्म व आपराधिक धमकी के आरोप से मुक्त कर दिया। अदालत ने नौ अप्रैल को यह फैसला सुनाया, जिसकी प्रति मंगलवार को सामने आई।
न्यायाधीश ने कहा, “सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई है कि पीड़िता ने अपनी मर्जी से आरोपी के साथ शारीरिक संबंध बनाए।”
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, महिला ने सुनील पर शादी का वादा कर अगवा करने और नौ दिन तक उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप पांच जून, 2014 को लगाया था। बाद में सुनील और उसके माता-पिता ने लड़की को धमकी दी कि अगर उसने इसकी शिकायत पुलिस से की तो वे उसे जान से मार डालेंगे।
सुनील के खिलाफ पश्चिमी दिल्ली के बाबा हरिदास नगर पुलिस थाने में 15 जून, 2014 को एक मामला दर्ज कराया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान महिला ने स्वीकार किया किया कि वह युवक के साथ अपनी मर्जी से भागी थी और 20 अगस्त, 2014 को दोनों ने शादी भी कर ली थी।
बीते नौ अप्रैल को दिए गए अपने फैसले में अदालत ने कहा, “पीड़िता युवक से प्यार करती थी और पांच जून, 2014 को अपनी मर्जी से युवक के साथ भागी और 14 जून, 2014 तक अपनी मर्जी से उसके साथ रही और इस दौरान शारीरिक संबंध बनाए।”
अदालत ने यह भी पाया कि पीड़िता और आरोपी एक खुशहाल दंपति हैं और दोनों अब साथ में खुशी-खुशी रह रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath