अहमदाबाद, 8 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात उच्च न्यायालय ने आरक्षण के लिए पाटीदार आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाने वाले हार्दिक पटेल को देशद्रोह के एक मामले में शुक्रवार को सशर्त जमानत दे दी। अदालत ने जमानत के लिए शर्त लगाई है कि उन्हें छह महीने तक राज्य से बाहर रहना होगा।
हार्दिक पटेल (23) बीते 200 दिनों से अधिक समय से जेल में बंद हैं और वे तब तक जेल से बाहर नहीं निकलेंगे, जब तक अन्य मामलों में उन्हें जमानत नहीं मिल जाती।
अहमदाबाद में देशद्रोह के एक मुकदमे के अलावा उनके खिलाफ विसनगर, पडाधारी तथा अन्य जगहों पर मामले दर्ज हैं। उन्हें सूरत देशद्रोह मामले में शुक्रवार को जमानत मिली।
पिछली सुनवाई में हार्दिक पटेल ने उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल किया कि सूरत व अहमदाबाद में दर्ज देशद्रोह के मामलों में अगर जमानत मिलती है, तो वे राज्य से छह महीनों तक बाहर रहने के लिए तैयार हैं।
ये मामले आरक्षण की मांग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर दर्ज किए गए थे।
इससे पहले गुजरात सरकार के वकील ने चिंता जताते हुए कहा कि हार्दिक पटेल के जेल से बाहर आने से राज्य में कानून-व्यवस्था को खतरा होगा।
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