नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के युवा लेखकों को प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए ‘दैनिक जागरण’ एक और नई पहल ‘सृजन’ कार्यक्रम का आयोजन 25 शहरों में करने जा रहा है।
जागरण प्रकाशन समूह की विज्ञप्ति के अनुसार, ‘दैनिक जागरण सृजन’ युवा लेखकों का एक ऐसा मंच है, जो हिंदी में सृजनात्मक लेखन करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अपने सपने को हकीकत में बदलने का एक अवसर देता है। सृजन का उद्देश्य हिंदी में सृजनात्मकता को बढ़ावा देना है। सृजन में हिंदी के वरिष्ठ लेखक अपने अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ नवोदित लेखकों को लेखन के गुर सिखाएंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया है किइस कार्यक्रम में कोई भी भाग ले सकता है। उम्र और पेशेगत बाधाएं नहीं हैं। सृजन में प्रतिभागी की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उनकी कोई पुस्तक इस कार्यक्रम में शामिल होने से पहले प्रकाशित न हुई हो।
सृजन के लिए प्रकाशकों की संचालन समिति ही तय करेगी कि लेखकों को प्रकाशक कितना अधिकतम अग्रिम भुगतान कर सकते हैं और एक प्रकाशक अधिकतम कितनी पांडुलिपि ले सकते हैं, पुस्तक का प्रकाशन अधिकतम कितने दिनों में हो जाना चाहिए।
दैनिक जागरण प्रतिवर्ष लखनऊ में अभिव्यक्ति का उत्सव ‘संवादी’ का आयोजन करता है। दैनिक जागरण सृजन के तहत ‘संवादी’ के आयोजन के दौरान वहां कॉपीराइट बाजार लगाया जाएगा। इस कॉपीराइट बाजार में शामिल होने के लिए हिंदी के तमाम प्रकाशकों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि हिंदी के नए लेखन से उनका परिचय हो। जिस लेखक की पांडुलिपि उनको पसंद आएगी, उसके प्रकाशन का अधिकार भी वे हासिल कर सकेंगे।
दैनिक जागरण सृजन के इस कॉपीराइटट बाजार में लेखकों को प्रकाशकों के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर भी प्राप्त होगा। कॉपीराइट बाजार में शामिल होनेवाले लेखकों और उनकी कृतियों को लेकर दैनिक जागरण सृजन एक कैटलॉग का प्रकाशन भी करेगा।
सृजन उन प्रमुख शहरों में लागू होगा, जहां से दैनिक जागरण, नईदुनिया और नवदुनिया का प्रकाशन होता है। ये शहर हैं- दिल्ली, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर, पटना, भागलपुर, रांची, धनबाद, जमशेदपुर, हिसार, पानीपत, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, इंदौर, भोपाल व रायपुर।
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