धर्मनिरपेक्ष, उदार भारत को नष्ट कर रहा आरएसएस : राहुल (लीड-1)

नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आरोप लगाया कि वह उदार और धर्मनिरपेक्ष भारत को नष्ट कर रहा है।

नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आरोप लगाया कि वह उदार और धर्मनिरपेक्ष भारत को नष्ट कर रहा है।

14 नवंबर को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती मनाए जाने की तैयारी के सिलसिले में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन भाषण के दौरान राहुल ने कहा कि पहली बार एक फासिस्ट संगठन ने निर्णायक शक्ति हासिल की है और उनकी पार्टी इसके खिलाफ लड़ने की सबसे बड़ी शक्ति है।

सम्मेलन का शीर्षक था “आजादी के बगैर शांति नहीं, शांति के बगैर आजादी नहीं : नेहरू के दृष्टिकोण और भारत का भविष्य सुनिश्चित करना।”

राहुल ने आरएसएस का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे देश के इतिहास में पहली बार एक फासिस्ट संगठन ने भारतीय संविधान की विचारधारा और मूल्यों का खुलेआम विरोध किया है और भारतीय संघ पर निर्णायक शक्ति हासिल कर ली है।

राहुल ने कहा कि आरएसएस का घोषित उद्देश्य “भारत में एक धार्मिक, निरंकुश राज्य स्थापित करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए इसे मौजूदा उदार, प्रगतिशील, धर्मनिरपेक्ष, सामाजिक लोकतांत्रिक गणराज्य को नष्ट करना है।”

सम्मेलन के एक सत्र के दौरान एक पैनलिस्ट के प्रश्न के जवाब में राहुल ने कहा, “आरएसएस से लड़ने वाली हम सबसे बड़ी शक्ति हैं।”

गांधी ने नेहरूवादी सोच पर कहा, “नेहरू का विचार था कि प्रत्येक भारतीय अपने चारों ओर के वातावरण को समझता है, यह मायने नहीं रखता कि वह कितना गरीब है या कमजोर है। और यह ज्ञान अभ्यास और अनुभव से आता है। कोई भी व्यक्ति सच पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकता। प्रत्येक भारतीय के पास उसका अपना नजरिया है, जो दुनिया के बारे में भारत की समझ को बढ़ाता है, समृद्ध करता है।”

राहुल ने कहा, “जब आरएसएस और भाजपा इससे इंकार करते हैं तो वे सिर्फ असहिष्णु नहीं बन रहे हैं। बल्कि वे भारतीय जनता की शक्ति और एजेंसी का निरादर कर रहे हैं। वे भारतीय जनता के सम्मान को नकार रहे हैं, उसका निरादर कर रहे हैं।”

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के दशहरा संबोधन के दूरदर्शन पर हुए राष्ट्रीय प्रसारण का जिक्र करते हुए राहुल ने सवाल किया, “आखिर भारत की सभी जनता राष्ट्रीय टेलीविजन पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की घृणास्पद भाषण क्यों सुने?”

उन्होंने कहा, “यदि हम इसे आरएसएस की जीत के रूप में देख रहे हैं, तो यह झूठ है। यह समय कांग्रेस और आपके लिए एक रिश्ता बनाने का है, चर्चा करने और आरएसएस को परास्त करने वाले विचारों को सामने लाने का है।”

राहुल ने कहा, “धर्मनिरपेक्षता कांग्रेस के रक्त में है। हर किसी का सम्मान करना हमारे डीएनए में है। हमें बस उसे फिर से ताजा करने की जरूरत है। उसके बाद आप देखेंगे कि कांग्रेस विचारधारा आरएसएस और भाजपा को मसल देगी।”

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