नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। टैक्सी सेवाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं की सुरक्षा के बारे में महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा सिफारिश किए गए सुरक्षा उपायों को नई टैक्सी नीति के दिशा-निर्देशों में शामिल किया गया है।
महिला और बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने इन उपायों की सिफारिश सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा शिपिंग मंत्रालय से की थी।
सोशल मीडिया पर मेनका गांधी को टैक्सियों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के कई मामलों के बारे में सूचित किए जाने को देखते हुए ये सिफारिशें की गई थी। महिलाओं ने ट्विटर और फेसबुक पर अपनी मुश्किलें साझा की थी। इसके बाद महिला और बाल विकास मंत्री ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए रेडियो टैक्सी सेवा प्रदाताओं के साथ बैठक की। उस बैठक के आधार पर उन्होंने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को उनके मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे नियामक दिशा-निर्देशों में आवश्यक सुरक्षा उपायों को शामिल करने के लिए पत्र लिखा था।
नई टैक्सी नीति में शामिल महिला और बाल विकास मंत्रालय की सिफारिशें :
-टैक्सियों में अनिवार्य रूप से जीपीएस पैनिक उपकरण लगे होने चाहिए।
-महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए टैक्सी में सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
-वाहन के फोटो और पंजीकरण संख्या के साथ चालक का पहचान पत्र भी टैक्सी में प्रमुखता से लगाया जाना चाहिए।
-टैक्सी ऑपरेटरों/ड्राइवरों द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर उनसे कानून के अनुसार कड़ाई से निपटा जाना चाहिए।
-यात्रियों की इच्छा पर ही सीट साझा की जानी चाहिए।
महिला और बाल विकास मंत्री की सिफारिशों को नियामक दिशानिर्देशों में शामिल करने की मंजूरी दे दी गई है। मेनका गांधी ने टैक्सियों में महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षा उपाय करने संबंधी सिफारिशों को स्वीकार करने के लिए नितिन गडकरी का धन्यवाद किया है।
महिला यात्री टैक्सियों में सुरक्षा के संबंध में मेनका गांधी को सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी परेशानियां बताती हैं। महिला और बाल विकास मंत्री ने हेल्पमीडब्ल्यूसीडी नाम से हैशटैग शुरू किया है। इस पर उत्पीड़न/ हिंसा झेल रही कोई भी महिला या बच्चा ट्वीट कर सीधे अपनी समस्या बता सकता है।
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