पणजी, 28 मार्च (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सोमवार को नई रक्षा खरीद नीति की घोषणा की और कहा कि इसमें पारदर्शिता, तेजी और ‘मेक इन इंडिया’ पर विशेष जोर दिया गया है।
दक्षिण गोवा जिले में डिफेंस एक्सपो 2016 के उद्घाटन समारोह में पर्रिकर ने कहा कि नीति में एक नई शीर्ष प्राथमिकता श्रेणी बनाई गई है, ताकि देश में रक्षा उपकरणों की डिजाइनिंग, विकास और विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने बताया कि नीति का दस्तावेज मंत्रालय की वेबसाइट पर डाल दिया गया है।
उन्होंने कहा, “हमने अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की है और यह भी तय किया है कि खरीदी में तेजी आए, जो आप रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) को देखकर महसूस करेंगे।”
नीति दस्तावेज का अंतिम रूप एक छोटी अनुलग्नक और शुद्धियों के साथ 15 दिनों में अपलोड किया जाएगा।
पर्रिकर ने कहा, “इस डीपीपी से मुझे भरोसा है कि ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा और अपनी जरूरत तथा निर्यात के लिए रक्षा उद्योग नेटवर्क बनाने में बड़ी सफलता हासिल करने की योजना की दिशा में बढ़त मिलेगी।”
मंत्री ने कहा, “प्रौद्योगिकी हर दिन बदल रही है और भारत में इंजीनियरों और प्रौद्योगिकीविदों की कमी नहीं है, जो रक्षा क्षेत्र की कई जरूरतों को उत्पादन में बदल सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि डीपीपी में एक नई शीर्ष प्राथमिकता अवधारणा ‘इंडियन डिजाइंड डेवलप्ड एंड मैन्यूफैक्च र्ड (आईडीडीएम)’ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इससे उद्योग के स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
पर्रिकर ने कहा, “आईडीडीएम श्रेणी से स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।”
एक्सपो में 1,035 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।
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