नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गर्वनर उर्जित पटेल ने एक संसदीय समिति को शुक्रवार को बताया कि देश में नकदी की आपूर्ति जल्द सामान्य होगी, लेकिन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। यह जानकारी सूत्रों ने दी है।
पटेल ने यह भी कहा कि नोटबंदी मध्यम अवधि और दीर्घअवधि में अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित होगी।
सूत्रों के मुताबिक, पटेल ने यह बात संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष कही, जब सांसदों ने उनसे नोटबंदी और उसके असर के बारे में पूछा।
उन्होंने समिति से कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्थिति ‘लगभग सामान्य’ हो चुकी है और देश के ग्रामीण तथा दूरदराज के क्षेत्रों में नकदी का प्रवाह बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पटेल ने कहा, “ग्रामीण तथा दूरदराज के क्षेत्रों में स्थिति के सुधरने में अभी कुछ हफ्ते और लगेंगे।”
सूत्रों के मुताबिक, सदस्यों ने आनलाइन लेनदेन पर टैक्स लगने पर चिंता जताई। सूत्रों ने कहा कि पता चला है कि इस पर पटेल ने कहा कि आनलाइन लेनदेन पर होने वाले खर्च को कम करने की कोशिशें हो रही हैं और बैंकों समेत सभी संबद्ध पक्षों से बात की जा रही है।
इस हफ्ते की शुरुआत में आरबीआई गर्वनर ने संसद की स्थाई समिति (वित्त) को बताया था कि नोटबंदी के बाद 9.2 लाख करोड़ नए नोट जारी किए गए हैं।
पीएसी के एक सदस्य ने पटेल से पूछा कि सहकारी बैंकों में जमा की गई रकम और वास्तविक रकम के आंकड़ों में काफी गड़बड़ी है, पटेल ने कहा इस मामले की जांच देश की वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू-आईएनडी) कर रही है।
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