कोंडागांव के एएसपी संतोष सिंह ने बताया कि तीन घंटे तक हुए इस हमले में छह सौ राउंड गोलियां दागी गई। आईटीबीपी कैंप में हुए फायरिंग व राकेट हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने कैंप पर रात से ही घेराबंदी कर चार रॉकेट दागे थे। बड़ी संख्या में आए नक्सलियों ने कैम्प को तीन तरफ से घेर कर हमला किया था। तीन घंटे तक दोनों ओर से चली इस फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, हमला करने के वक्त करीब 100 नक्सली मौजूद थे।
कोंडागांव से 30 किमी दूर मर्दापाल से कुछ दूरी पर रानापाल है। यहां पहले सीआरपीएएफ की तैनाती थी। सीआरपीएफ के इस कैंप में भी नक्सलियों ने कई बार छिटपुट हमला किया था। इसके बाद तीन महीने पहले यहां सुरक्षा का भार आईटीबीपी को दिया गया।
आईटीबीपी के कैंप खुलने के बाद से ही नक्सली बड़े हमले की ताक में थे। आईटीबीपी के कैंप पर हमले में जिस राकेट का इस्तेमाल किया गया था। वैसे राकेट नक्सलियों ने अपनी फैक्ट्री में बनाए हैं।
जानकारों का कहना है कि इससे पहले भी नक्सलियों ने अपने बनाए फैक्ट्री के हथियारों का उपयोग जमकर किया है। आईटीबीपी पर हमला कर मर्दापाल इलाके में नक्सलियों ने अपनी मौजूदगी का एहसास करा दिया है।
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