जीरम घाटी नक्सली वारदात में सही-सलामत बचने वाले कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ग्राम मोंगरा पहुंचे। मोंगरा के ग्रामीणों का भी कथित तौर पर नक्सलियों ने अपहरण किया है। यहां स्थानीय मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने बच्चों तथा महिलाओं को ही गांव में छोड़ा है, बाकी सभी का अपहरण कर लिया गया है।
इस बीच, राज्य के जनसंपर्क आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि नक्सलियों ने ग्रामीणों का अपहरण किया है, यह गलत है। दरअसल ग्रामीण स्वेच्छा से नक्सलियों से मिलने गए हैं। उनका कहना है कि किसी काम को रोकने के लिए कुछ नक्सली गांव में आए थे और उसी संबंध में चर्चा करने ग्रामीण नक्सलियों के साथ गए हैं।
कथित रूप से मोदी की आमसभा के लिए निकले ग्रामीणों का अपहरण नक्सलियों ने इसलिए किया क्योंकि नक्सलियों ने प्रधानमंत्री के बस्तर आगमन का विरोध करते हुए बस्तर बंद का आह्वान किया था।
प्रधानमंत्री के आगमन से ठीक चार घंटे पूर्व शनिवार सुबह छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से नक्सलियों ने उनकी सभा में शामिल होने दंतेवाड़ा जा रहे 500 ग्रामीणों को अगवा कर लिया। फिलहाल अपहृतों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
सूत्रों ने बताया कि तोंगपाल थाना क्षेत्र के मोंगरा गांव के लगभग 500 ग्रामीण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। गांववासी मुख्य सड़क पर पहुंचने ही वाले थे कि वहां 100 की संख्या में वदीर्धारी हथियार बंद नक्सली आ धमके। नक्सलियों ने बंदूक की नोक पर सभी ग्रामीणों को बंधक बना लिया और उन्हे लेकर जंगल की ओर चले गए।
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