नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि पहलवान नरसिंह पंचम यादव के डोप परीक्षण में पाए गए प्रतिबंधित पदार्थ मेथानडिएनोने का सेवन करने के बाद वह लंबे समय तक शरीर में रह सकता है और मूत्र नमूने में आठ सप्ताह तक इसकी मौजूदगी पाई जा सकती है।
डोप परिक्षण में असफल होने के बाद नरसिंह पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे उनके रियो ओलम्पिक-2016 में खेलने पर संदेह उठ खड़ा हुआ है।
यहां स्थित बीएलके सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के निर्देशक और स्वास्थय संयोजक आर. के सिंगल ने बताया, “मेथानडिएनोने का एक बार सेवन करने के बाद यह लंबे समय तक शरीर में मौजूद रहता है और मूत्र के नमूनों में छह से आठ सप्ताह तक इसकी मौजूदगी का पता चल सकता है।”
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नरसिंह के बी नूमने में भी प्रतिबंधित पदार्थ पाया था, जिसके बाद उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया।
नरसिंह ने डोप टेस्ट में फेल होन से बाद कहा है कि उनके खिलाफ साजिश की गई है। खबरों के मुताबिक उनके खाने में मिलावट करने वाले शख्स की पहचान कर ली गई है।
जेपी अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार अतुल जैन ने आईएएनएस को बताया, “मेथानडिएनोने का असर धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। यह छह से 12 सप्ताह तक शरीर में रह सकता है।”
मेथानडिएनोने एक उपचय स्टेरॉयड है जो बॉडी बिल्डरों में काफी प्रचलित है।
सिंगल ने आईएएनएस को बताया, “उपचय एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड का रासायनिक संशोधित संस्करण है और स्वाभाविक रूप से पुरुषों में पाए जाने वाले यौन हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का घटक है।”
जैन ने आईएएनएस को बताया, “उपचय स्टेरॉयड प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है।”
सिंगल के मुताबिक, मेथानडिएनोने कम समय में पेशी का विकास करने में सक्षम है।
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