भोपाल, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा के दौरान नशामुक्ति और वृक्षारोपण का भी संकल्प दिलाया जा रहा है। अब तक 21.50 लाख लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है।
ज्ञात हो कि 11 दिसंबर को अमरकंटक से नर्मदा नदी को सदानीरा और प्रदूषण मुक्त करने के मकसद से नर्मदा सेवा यात्रा शुरू हुई है।
आधिकारिक तौर पर मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, अब तक यह यात्रा बीते 121 दिनों में 16 जिलों के 687 गांवों, 500 ग्राम पंचायतों और 51 विकासखण्डों से होकर गुजर चुकी है। यात्रा के दौरान 21 लाख 62 हजार लोगों को नशामुक्ति और नर्मदा संरक्षण का संकल्प दिलाया गया है।
बयान के अनुसार, नर्मदा जल-धारा को अविरल बनाने के लिए वन विभाग द्वारा दोनों तटों के एक लाख 18 हजार 85 किसान परिवारों के माध्यम से एक लाख 44 हजार 377 हेक्टेयर क्षेत्र में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारी की गई है। तटीय ग्राम पंचायतों में 712 नर्मदा सेवा समितियों का गठन हो चुका है।
आधिकारिक ब्योरे के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान अब तक 687 जन-संवाद कार्यक्रम हो चुके हैं, जिनमें 570 राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख्याति-प्राप्त और 19 लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं 942 स्थानों पर जन-संवाद कार्यक्रम में भाग लिया।
बयान के अनुसार, नर्मदा तट पर स्थित 16 जिलों के अलावा आसपास के जिलों से उप-यात्राएं भी मुख्य यात्रा में शामिल हो रही हैं। अब तक ऐसी 1408 उप-यात्राएं मुख्य यात्रा में शामिल हो चुकी हैं। करीब 74 हजार 772 नर्मदा सेवक यात्रा के लिए पंजीयन करवा चुके हैं।
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