केपटाउन, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के हाई परफॉर्मेस कोच माइक हॉर्न ने आशंका जताई है कि पिछले महीने हुए आईसीसी विश्व कप सेमीफाइनल के लिए नस्लीय कोटा को ध्यान में रखते हुए टीम का चयन किया गया था।
न्यूजीलैंड के खिलाफ इस सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हार का सामना करना पड़ा था।
हॉर्न दक्षिण अफ्रीकी टीम से 2011 से जुड़े हैं और विश्व कप अभियान में भी दल का हिस्सा थे।
यह विवाद इसलिए उभरा क्योंकि श्रीलंका के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में जो टीम थी, उसमें सेमीफाइनल से पूर्व बदलाव किया गया और लय में नजर आ रहे काइल एबॉट के स्थान पर चोटिल तेज गेंदबाज वेर्नोन फिलेंडर को शामिल किया गया।
फिलेंडर को शामिल करने के बाद 11 सदस्यीय टीम में अश्वेत अफ्रीकी और एशियाई मूल के खिलाड़ियों की कुल संख्या चार हो गई जो कोटा के तहत निर्धारित संख्या के बराबर है। दक्षिण अफ्रीकी टीम में कोटा व्यवस्था को हालांकि 2007 में ही खत्म किया जा चुका है।
क्रिकेट आस्ट्रेलिया की वेबसाइट के अनुसार हॉर्न ने कहा, “मैं किसी प्रकार की राजनीति में नहीं जाना चाहता लेकिन इस बदलाव ने जरूर कोई भूमिका निभाई। मैं भी एक हाई परफॉर्मेस कोच और प्रेरक के तौर पर अपने कार्य में शायद असफल रहा।”
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले मीडिया में यह खबर आई थी कि फिलेंडर का चयन क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के आदेश के बाद किया गया। सीएसए के मुख्य कार्यकारी हारुन लोगार्ट ने हालांकि इस तरह की खबरों का तब खंडन किया था।
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