लखनऊ, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि कई राज्यों में खाद्य सुरक्षा कानून लागू हो चुका है, लेकिन कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है। पासवान ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वह जल्द से जल्द इस कानून को लागू करे, ताकि इसका लाभ जनता को मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार को राजधानी में पत्रकारों से वार्ता के दौरान ये बातें कहीं। केंद्रीय मंत्री पासवान ने बताया कि देश में खाद्य सुरक्षा कानून को लागू हुए एक साल हो गया है। इस कानून के तहत दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “इस कानून के तहत औसतन 75 प्रतिशत ग्रामीण और 50 प्रतिशत शहरी आबादी गेहूं व चावल का लाभ उठा रही है। यह कानून राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश आदि में लागू हो चुका है तथा शेष राज्यों में शीघ्र लागू होने की संभावना है।”
पासवान ने कहा है कि जहां भी ओलावृष्टि से गेहूं की चमक में कमी हुई है, उसके लिए निर्धारित मापदंडों से आधिकाधिक छूट देने पर विचार किया जाएगा। छूट का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजना होगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अनियमित वर्षा के कारण गेहूं की फसल की क्षति को देखते हुए गेहूं के मानक में सिकुड़े हुए दानों की अनुमन्य सीमा शिथिल करके छह प्रतिशत से 10 प्रतिशत करने का आग्रह किया था, जिसे खाद्य मंत्रालय ने मान लिया है। सैंपलिंग व विश्लेषण कर रिपोर्ट अनुशंसा के साथ भेज दी गई है। मानक में अवश्यकता के अनुसार शिथिलता प्रदान कर दी गई है।
जनता परिवार के विलय पर चुटकी लेते हुए पासवान ने कहा कि जनता परिवार बिहार में सिर्फ विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसीलिए इसका कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, “पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव होंगे, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष भी वही होंगे, लेकिन पार्टी का नाम, झंडा और चुनाव चिह्न् का पता नहीं है।”
पासवान ने कहा कि जब इन लोगों के भीतर कोई मतभेद ही नहीं था तो फिर पार्टी का नाम सहित अन्य मुद्दे भी हल क्यों नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि सही बात यह है कि ये सभी लोग अभी भी दिल से नहीं मिले हुए हैं।
dharmpath.com dharmpath