यह जानकारी पहले दिन की बैठक के बाद नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने संवाददाता सम्मेलन में दी।
उन्होंने कहा कि नाटो किसी भी दिशा से आने वाले किसी भी खतरे का सामना करना जारी रखेगा।
स्टोलटेनबर्ग ने बैठक से पूर्व कहा, “प्रभावी शक्ति संतुलन व रक्षा दोनों की मित्र देशों की सेनाओं को आगे उपस्थिति दर्ज कराने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सहारा देने की हमारी काबिलियत को दिखाने की जरूरत है। मैं मंत्रियों से उम्मीद करता हूं कि वे हमारे गठबंधन के पूर्वी हिस्से में हमारी मौजूदगी या उपस्थिति को और आगे बढ़ाने के लिए राजी हैं।”
गठबंधन की सामूहिक रक्षा व शक्ति संतुलन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाना रक्षा मंत्रियों की इस बैठक का मुख्य मुद्दा है।
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