‘नानक शाह फकीर’ की निर्बाध रिलीज सुनिश्चित की जाए : सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्यों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि फिल्म ‘नानक शाह फकीर’ की रिलीज का कोई विरोध नहीं हो। फिल्म 13 अप्रैल को भारत व विदेश में रिलीज होने वाली है।

राज्य सरकारों को कानून व व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम.खानविलकर व न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि एक कलाकार की अभिव्यक्ति की आजादी को निजी लोगों के एक समूह द्वारा दबाया नहीं जा सकता।

फिल्म सिख गुरु नानक देव जी के जीवन पर आधारित है। फिल्म निर्माता हरिंदर सिंह सिक्का ने सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था अकाल तख्त द्वारा फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

राज्यों को कानून व व्यवस्था को बनाए रखने का निर्देश देते हुए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने कहा, “सीबीएफसी द्वारा एक बार प्रमाणपत्र देने के बाद फिल्म के प्रदर्शन में किसी तरह की बाधा नहीं डाली जा सकती। यह अच्छी तरह से तय किया जा चुका है कि एक बार सीबीएफसी ने प्रमाण पत्र दे दिया तो फिर वह अंतिम है।”

अदालत ने कहा, “एक बार सीबीएफसी द्वारा प्रमाण पत्र दिए जाने पर जब तक इसे एक वरिष्ठ प्राधिकारी द्वारा अस्वीकार नहीं किया जाता, तब तक निर्माता को पूरा अधिकार है कि फिल्म को सिनेमा हॉल में प्रदर्शित करे। किसी भी तरह का अवरोध अराजकता फैलाने वाला और अभिव्यक्ति की आजादी को कमजोर करने वाला हो सकता है।”

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