कोलकाता, 7 नवंबर (आईएएनएस)। प्रतिष्ठित नालंदा विश्वविद्यालय में अगले साल से जनस्वास्थ्य की पढ़ाई शुरू करने की योजना बनी है। स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ का मकसद जिले की आबादी के स्वास्थ्य संकेतकों को ऊंचा उठाना है। विश्वविद्यालय की कुलपति ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कोलकाता, 7 नवंबर (आईएएनएस)। प्रतिष्ठित नालंदा विश्वविद्यालय में अगले साल से जनस्वास्थ्य की पढ़ाई शुरू करने की योजना बनी है। स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ का मकसद जिले की आबादी के स्वास्थ्य संकेतकों को ऊंचा उठाना है। विश्वविद्यालय की कुलपति ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कोलकाता में वाणिज्य दूतावास की ओर से आयोजित ‘ह्वेन सांग एंड चाइना-इंडिया फ्रेंडली एक्सचेंज्स’ कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचीं विश्वविद्यालय की कुलपति गोपा सभरवाल ने यहां आईएएनएस को इस बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “हमलोग जिस अगले विद्यालय की शुरुआत कर रहे हैं वह स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ है। यह एक अनोखा स्कूल होगा। मैं नहीं समझती कि इस तरह का पूरे एशिया में जन स्वास्थ्य का कोई स्कूल है। यह एक संदेश देगा कि यदि आपके पास जन स्वास्थ्य पर एक अच्छा स्कूल है तो आप पूरे जिले के स्वास्थ्य संकेतकों पर असर डाल सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि पूरा नालंदा जिला इस स्कूल के लिए क्षेत्र होगा जिसकी शुरुआत हमलोग 2017 से कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “पूरा जिला इस स्कूल के लिए कार्यक्षेत्र होगा। यदि आपके पास जन स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा स्कूल है तो आप जन स्वास्थ्य के एजेंडा को निकट भविष्य में मेडिकल स्कूल में डाल सकते हैं। यह सबसे नजदीकी मेडिकल स्कूल का स्तर बढ़ाने में मदद करेगा। इसका समाधान यह होगा कि स्वास्थ्य संकेतक में बेहतरी आएगी। उन्होंने कहा कि इसके अकादमिक सत्र की शुरुआत वर्ष 2018 से होने की संभावना है।”
इस विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ हिस्टोरिकल स्टडीज, स्कूल ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायर्नमेंट स्टडीज, स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज, फिलॉसफी एंड कम्परेटिव स्टडीज पहले से हैं।
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