निक-प्रियंका पर उंगली उठाने वालों के नाम खुला पत्र

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। अरे! ग्यारह साल छोटा है उससे..मां-बेटे की जोड़ी लगती है..इसे शर्म नहीं आती..ये वे चंद अल्फाज हैं, जो इन दिनों प्रियंका चोपड़ा के लिए बोले जा रहे हैं। लेकिन क्यों? प्रियंका ने आखिर किया क्या है? एक लड़के से प्यार ही ना! जो उससे उम्र में ग्यारह साल छोटा है तो क्या इससे हमें किसी का चरित्र हनन करने का सर्टिफिकेट मिल जाता है?

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। अरे! ग्यारह साल छोटा है उससे..मां-बेटे की जोड़ी लगती है..इसे शर्म नहीं आती..ये वे चंद अल्फाज हैं, जो इन दिनों प्रियंका चोपड़ा के लिए बोले जा रहे हैं। लेकिन क्यों? प्रियंका ने आखिर किया क्या है? एक लड़के से प्यार ही ना! जो उससे उम्र में ग्यारह साल छोटा है तो क्या इससे हमें किसी का चरित्र हनन करने का सर्टिफिकेट मिल जाता है?

आज जब प्रियंका को लेकर इस तरह की बातें सुनती हूं तो मुझे खीझ आती है समाज की इस दोहरी मानसिकता पर, जो खुद को मानता तो बड़ा प्रगतिशील है लेकिन यह अंदर से उतना ही खोखला है, जिसे गवारा नहीं कि एक लड़की अपने से कम उम्र के लड़के से प्यार करे। मैं इन ट्रोलर्स से एक सवाल पूछना चाहती हूं कि क्या प्यार जात-पात, उम्र, रंग-रूप, छोटा-बड़ा देखकर होता है? जब इस रिश्ते में बंधे दोनों युवा, उनके परिवार वालों और दोस्तों को कोई दिक्कत नहीं हैं तो हम क्यों बाल की खाल निकालने में लगे रहते हैं। क्यों हम दूसरों की जिंदगी में दखल देने के लिए छटपटाते हैं? क्यों हम किसी की पसंद को उसके चरित्र से जोड़ देते हैं? यह तो वैसी ही बात हुई कि हम कमरे की चारदीवारी में बंद होकर पॉर्न तो बड़े चटकारे से देखते हैं लेकिन भीड़ में पॉर्न देखने वालों को हेय दृष्टि से देखने लगते हैं।

पता है, ज्यादा खौफनाक क्या है? प्रियंका को ट्रोल करने वाली इस भीड़ में एक बड़ी संख्या युवाओं की है। ये वही युवा हैं, जो अपने से उम्र में दोगुने, तिगुने सलमान और करीना को लेकर आहें भरते हैं। खुले तौरपर सलमान से शादी करने की इच्छा स्कूल, कॉलेज जाने वाली कितनी लड़कियां जताती हैं और कुछ यही आलम युवा लड़कों में 40 पार अभिनेत्रियों को लेकर है। फिर जब हमाम में सभी नंगे हैं तो प्रियंका पर किस मुंह से उंगली उठाई जा रही है।

सच्चाई यही है कि आज भी समाज की सोच महिलाओं को लेकर दोयम दर्जे की ही है। हम कहने को तो महिला सशक्तीकरण का ढोल पीटते हैं लेकिन जब महिलाएं अपनी जिदगी अपने तरीके से जीने लगती हैं तो हमारी भौंहे तन जाती हैं और ढूंढ-ढूंढकर उसमें मीन-मेष निकालने लगते हैं।

समाज की महिलाओं को लेकर सोच किस तरह ओछी है, वह इससे भी जाहिर होता है कि इस पूरे ट्रोल में निक को समाज के ताने सुनने को नहीं मिले हैं, क्योंकि प्रगतिशील लोगों ने सारा ठीकरा प्रियंका के सिर फोड़ दिया। प्रियंका और निक को कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके रिश्तों को बाहरी दुनिया किस नजर से देखती है, वे खुश हैं और शादी करना चाहते हैं, क्योंकि वे एक-दूसरे से प्यार करते हैं और प्यार उम्र नहीं देखता और हां, अभी से इनके तलाक की अटकलें लगाकर और नीचे गिरने की जरूरत नहीं है।

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