निठल्ले विधायकों के लिए ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ की नीति जरूरी : कमल हासन (लीड-1)

चेन्नई, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु की सत्ताधारी एआईएडीएमके पर एक बार फिर परोक्ष रूप से हमला करते हुए अभिनेता कमल हासन ने शुक्रवार को कहा कि रिसॉर्ट में आराम फरमाने वाले नेताओं पर ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का फार्मूला लागू क्यों नहीं होता।

कमल हासन ने ट्वीट कर कहा, “सरकारी कर्मचारियों पर ही काम नही तो वेतन नहीं क्यों लागू होता है? रिसॉर्ट में सौदा करने वाले नेताओं के बारे में क्या राय है।”

तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि हड़ताली शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का भुगतान उन दिनों का वेतन काटा जाएगा, जब उन्होंने काम नहीं किया, कर्मचारी विभिन्न मांगों के समर्थन में हड़ताल पर हैं।

उन्होंने कहा, “माननीय न्यायालय ने हड़ताल कर रहे शिक्षकों को चेतावनी दी है। मैंने अदालत से उन विधायकों के खिलाफ भी इसी तरह ही चेतावनी जारी करने को कहा है, जो काम नहीं करते।”

दिलचस्प है कि तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में विधायकों के वेतन को दोगुना से बढ़ाकर 105,000 रुपये प्रति माह कर दिया है।

कमल हासन ने कथित तौर पर कहा है कि वह अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाएंगे।

रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं।

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